डॉ. राकेश रफीक के निधन पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने जताया शोक

अविकल उत्तराखंड

अल्मोड़ा। सामाजिक और राजनीतिक बदलाव के लिए विभिन्न जनांदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले डॉ. राकेश रफीक के निधन पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पार्टी के संयोजक पीसी तिवारी ने कहा कि राकेश रफीक का निधन सामाजिक आंदोलनों और जनसरोकारों से जुड़े लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है।

उन्होंने कहा कि जेपी आंदोलन के दौर से लेकर अन्ना आंदोलन, नर्मदा बचाओ आंदोलन, किसान-मजदूर आंदोलनों और भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ चले आंदोलनों तक डॉ. रफीक सक्रिय रूप से जुड़े रहे। सामाजिक बदलाव की व्यापक दृष्टि रखने वाले रफीक जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार अपनी आवाज उठाते रहे।

पीसी तिवारी ने कहा कि जेपी आंदोलन के समय से ही डॉ. रफीक से उनका परिचय रहा। उत्तराखंड संघर्ष वाहिनी के साथ काम करने के दौरान यह संबंध आत्मीयता में बदल गया। किसानों, मजदूरों और युवाओं से जुड़े आंदोलनों में उनकी सक्रियता और वैचारिक योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के जनसरोकारों और आंदोलनों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच दिलाने तथा देश के विभिन्न हिस्सों के सामाजिक कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारियों को जोड़ने में भी डॉ. रफीक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वह कई बार अल्मोड़ा और नैनीताल आए और विभिन्न कार्यक्रमों व आंदोलनों में सक्रिय रूप से शामिल हुए।

पीसी तिवारी के अनुसार, जीवन के अंतिम समय तक डॉ. रफीक आयुष चिकित्सालय और गांधी पार्क से जुड़े जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्षरत रहे। जनसरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उनके जीवन की महत्वपूर्ण पहचान रही।

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने उनके परिवार और देशभर में उनके साथ संघर्ष करने वाले साथियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. रफीक की स्मृति और उनके संघर्षों से मिली प्रेरणा सामाजिक न्याय और जनहित के लिए आगे भी काम करने का मार्ग दिखाती रहेगी। पार्टी ने कहा कि उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि बेहतर और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के संघर्ष को आगे बढ़ाकर ही दी जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *