पढ़ें, धामी कैबिनेट के 25 फैसले
एससी-एसटी की मुफ्त कोचिंग के लिए आय सीमा ₹8 लाख
उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म कॉर्पोरेशन बनेगा, खिलाड़ियों को मुफ्त बस यात्रा; सड़क निर्माण से लेकर शिक्षा तक कई अहम निर्णय
अविकल थपलियाल
देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा, सामाजिक कल्याण, खेल, पर्यटन और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव की दिशा में धामी मंत्रिमंडल ने 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए हैं। इनमें दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण अंकों में 5 प्रतिशत की छूट, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की निःशुल्क कोचिंग के लिए पारिवारिक वार्षिक आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख करने और पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने जैसे फैसले शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई कंपनी गठित करने, एकल महिलाओं की भरण-पोषण योजना का नाम बदलने, सड़क-सेतु निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया सरल करने तथा लंबित स्टाम्प वादों के निस्तारण के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने को मंजूरी दी गई।
शिक्षा और सामाजिक कल्याण
1 दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तीर्ण अंकों में 5 प्रतिशत की छूट
बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक अस्वस्थता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सेरेब्रल पाल्सी और विशेष अधिगम अक्षमता से संबंधित दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में उत्तीर्ण अंकों में 5 प्रतिशत की छूट देने के लिए संबंधित विनियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत इन श्रेणियों के विद्यार्थियों को 28 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उत्तीर्ण माना जाएगा।
2- एससी-एसटी विद्यार्थियों की मुफ्त कोचिंग के लिए आय सीमा बढ़ेगी
समाज कल्याण विभाग की निःशुल्क कोचिंग योजना के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की पारिवारिक वार्षिक आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। इससे अधिक संख्या में पात्र विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग का लाभ ले सकेंगे।
3- खटीमा का बालिका आवासीय विद्यालय हाईस्कूल तक होगा उच्चीकृत
ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को कक्षा 8 से उच्चीकृत कर कक्षा 10 तक संचालित करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। इसके लिए अधीक्षक का एक पद समर्पित कर सहायक अध्यापक एलटी संवर्ग के चार और प्रधानाचार्य का एक नया पद सृजित किया जाएगा। विद्यालय में कुल 21 पद होंगे।
4- भरण-पोषण योजना का नाम होगा मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना
निराश्रित विधवा, परित्यक्ता विवाहित और निराश्रित अविवाहित महिलाओं के लिए संचालित भरण-पोषण अनुदान योजना का नाम बदलकर ‘मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना’ करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
5- प्रदेश के 13 डायट का पुनर्गठन
प्रदेश के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा। प्रत्येक संस्थान में वर्तमान 48 पदों की संख्या घटाकर 44 करने का निर्णय लिया गया है। वरिष्ठ प्रवक्ता के एक पद को उप प्राचार्य के पद पर उच्चीकृत करने के साथ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी के एक-एक नए पद सृजित किए जाएंगे। कुछ पद समाप्त होंगे और कुछ के पदनाम बदले जाएंगे।
6 -दो जिलों में केंद्रीकृत रसोई से मिलेगा मध्याह्न भोजन
पीएम पोषण योजना के अंतर्गत हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में अन्नामृता फाउंडेशन को केंद्रीकृत रसोई स्थापित करने के लिए भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। इसके माध्यम से चयनित विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पका-पकाया मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
खेल और पर्यटन
7 एक जिला एक खेल योजना में 14 मुख्य प्रशिक्षक तैनात होंगे
एक जिला एक खेल योजना के संचालन के लिए प्रत्येक जिले में एक और खेल निदेशालय में एक, कुल 14 मुख्य प्रशिक्षकों की संविदा पर तैनाती का प्रस्ताव मंजूर किया गया। निर्धारित योग्यता और अनुभव रखने वाले प्रशिक्षकों को तीन वर्ष के लिए नियुक्त किया जाएगा। इनके लिए ₹1.45 लाख प्रतिमाह नियत मानदेय प्रस्तावित है। जिलों में खेलों का आवंटन 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान विकसित सुविधाओं और स्थानीय लोकप्रिय खेलों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
8- पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को बसों में मुफ्त यात्रा
राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। यह व्यवस्था मुख्यमंत्री की घोषणा संख्या 344/2022 के क्रियान्वयन के लिए लाई गई है।
9 साहसिक पर्यटन के लिए बनेगा नया निगम
प्रदेश में साहसिक और पर्यावरणीय पर्यटन के नियोजित, सुरक्षित और सतत विकास के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड गठित करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। कंपनी उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड और उत्तराखंड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड का संयुक्त उपक्रम होगी। इसका गठन कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत विशेष प्रयोजन वाहन के रूप में किया जाएगा।
लोक निर्माण और प्रशासनिक सुधार
10 सड़क और सेतु निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया सरल होगी
लोक निर्माण विभाग में सड़क और सेतु निर्माण कार्यों के द्वितीय चरण की अलग-अलग स्वीकृतियों को एक ही चरण में मंजूरी देने का निर्णय लिया गया। वर्तमान व्यवस्था में पहाड़ कटान, सुरक्षा दीवार, पुलिया, नाली और अन्य कार्यों के लिए अलग-अलग चरणों में स्वीकृति दी जाती है। नई व्यवस्था से कटान के बाद सुरक्षात्मक कार्य समय पर कराए जा सकेंगे और मार्गों को होने वाली क्षति कम करने में मदद मिलेगी।
11 राज्य कर अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन
उत्तराखंड राज्य कर अधिकारी सेवा नियमावली, 2009 में भर्ती के स्रोत और आयुसीमा से संबंधित प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड राज्य कर अधिकारी सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2026 प्रख्यापित की जाएगी।
12 वित्तीय डाटा सेंटर के तकनीकी संवर्ग का पुनर्गठन
निदेशालय, कोषागार, पेंशन एवं हकदारी के अंतर्गत संचालित वित्तीय डाटा सेंटर के तकनीकी संवर्ग का पुनर्गठन किया जाएगा। इसमें वेतनमान उच्चीकरण, पदनाम परिवर्तन, भर्ती के स्रोत में बदलाव और नए पदों के सृजन की व्यवस्था होगी। आउटसोर्स कार्मिकों को प्रारंभ में अधिकतम तीन वर्ष के लिए सेवा प्रदाता के माध्यम से रखा जाएगा। आवश्यकता के अनुसार यह अवधि दो वर्ष बढ़ाई जा सकेगी।
13. विभागीय लेखा निदेशालय में कनिष्ठ सहायक के पांच नए पद
विभागीय लेखा निदेशालय के ढांचे में चार पद समर्पित कर कनिष्ठ सहायक के पांच नए पद सृजित करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। इसके लिए वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक का एक, वैयक्तिक सहायक के दो और प्रोग्रामर का एक पद समर्पित किया जाएगा। नए पद वेतन लेवल-3 में होंगे।
14 प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह ‘ग’ और ‘घ’ कार्मिकों के सेवा नियम
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में समूह ‘ग’ और ‘घ’ के पदों पर कार्यरत कार्मिकों की सेवा शर्तें निर्धारित करने के लिए उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ सेवा विनियमावली, 2026 प्रख्यापित करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
न्यायिक, कर और राजस्व संबंधी निर्णय
1. समान नागरिक संहिता की संशोधन नियमावली
समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रावधानों को लागू करने के लिए समान नागरिक संहिता (संशोधन) नियमावली, उत्तराखंड, 2026 अधिसूचित की जाएगी। इसका उद्देश्य मूल संहिता के कुछ प्रावधानों के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों और लिपिकीय त्रुटियों को दूर करना है।
16 उत्तराखंड सिविल विधि संशोधन विधेयक
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 115 तथा बंगाल, आगरा और आसाम सिविल न्यायालय अधिनियम, 1887 की धारा 19 और 21 में संशोधन के लिए उत्तराखंड सिविल विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 लाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
17 जीएसटी संशोधन अध्यादेश विधेयक के रूप में आएगा
केंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में हुए संशोधनों के अनुरूप उत्तराखंड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में बदलाव के लिए 3 सितंबर, 2026 को प्रख्यापित उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को विधेयक के रूप में सदन में प्रस्तुत किया जाएगा।
18 लंबित स्टाम्प वादों के लिए एकमुश्त समाधान योजना
प्रदेश में लंबित स्टाम्प वादों के शीघ्र और पारदर्शी निस्तारण के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लागू करने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य राजस्व वसूली के साथ पक्षकारों को ब्याज और अर्थदंड की देयता में राहत देना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्टाम्प कलेक्टर और राजस्व परिषद के न्यायालयों में लगभग 3,600 स्टाम्प वाद लंबित हैं।
19 मानवाधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी
उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019-22 की वार्षिक रिपोर्ट और उसकी संस्तुतियों पर विभिन्न विभागों की कार्रवाई का विवरण विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में कुल 16,388 वाद दर्ज हुए, जिनमें से 15,075 का निस्तारण किया जा चुका है।
20 बांध सुरक्षा संगठन की रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत होगी
राज्य बांध सुरक्षा संगठन की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इसमें संगठन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 21 बांधों की सुरक्षा स्थिति का विवरण शामिल है।
विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा
21 दो निजी विश्वविद्यालयों को अधिनियम की अनुसूची में शामिल करने का प्रस्ताव
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 में संशोधन कर निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए राज्य सरकार के पक्ष में जमा की जाने वाली स्थायी विन्यास निधि की व्यवस्था समाप्त करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। इसके साथ ही हरिद्वार जिले के रुड़की स्थित आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएसएम विश्वविद्यालय को अधिनियम की अनुसूची-2 में शामिल करने के लिए उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 लाया जाएगा।
22 श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय के परिनियम
उत्तरकाशी स्थित श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय के संचालन और संबंधित व्यवस्थाओं के नियमन के लिए उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 की धारा 36 के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिनियम, 2026 प्रख्यापित करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
23 आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय के परिनियम
देहरादून स्थित आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय के संचालन और संबंधित व्यवस्थाओं के नियमन के लिए उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 की धारा 36 के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिनियम, 2026 प्रख्यापित किया जाएगा।
ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
24- उरेडा के कनिष्ठ अभियंताओं का वेतनमान बढ़ेगा
उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के कनिष्ठ अभियंताओं का वेतनमान ग्रेड पे ₹4,200, वेतन लेवल-6 से बढ़ाकर ग्रेड पे ₹4,600, वेतन लेवल-7 करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत वेतनमान ₹35,400–1,12,400 से बढ़कर ₹44,900–1,42,400 होगा। यह उच्चीकरण तत्काल प्रभाव से प्रस्तावित है।
25 ‘जन्नासरी’ के स्थान पर ‘जौनसारी’ नाम की संस्तुति
उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की छठी अनुसूची में अनुसूचित जनजाति के नाम के रूप में दर्ज ‘जन्नासरी’ (Jannsari) को संशोधित कर ‘जौनसारी’ (Jaunsari) करने के लिए केंद्र सरकार को संस्तुति भेजने के प्रस्ताव को विचलन से अनुमोदन दिया गया। वर्ष 1967 के भारत सरकार के राजपत्र में जनजाति का नाम ‘जौनसारी’ दर्ज है। पुनर्गठन अधिनियम में अलग वर्तनी होने से संबंधित समुदाय के लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मंत्रिमंडल के मूल विवरण में कुछ बिंदु नियमावली, विधेयक या प्रस्ताव को आगे बढ़ाने से संबंधित हैं। इसलिए उन्हें अंतिम रूप से लागू हो चुके प्रावधानों के बजाय प्रस्तावित निर्णयों के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।




