केंद्र में बढ़ा उत्तराखंड कैडर का कद
दीपम सेठ के दिल्ली जाने की चर्चा तेज, खंडूरी को मिली नई जिम्मेदारी
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को केंद्र स्तर पर मिली नई जिम्मेदारियों ने राज्य पुलिस महकमे का गौरव बढ़ाया है। एक ओर, पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ को केंद्र सरकार ने महानिदेशक (DG) अथवा समकक्ष पदों के लिए एम्पैनल कर दिया है, वहीं दूसरी ओर 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी जनमेजय खंडूरी को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में महानिरीक्षक (IG) के पद पर नियुक्त किया गया है। इन दोनों फैसलों को उत्तराखंड कैडर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी और वर्तमान उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के नाम को डीजी अथवा समकक्ष स्तर के पदों के लिए मंजूरी प्रदान की है। इस एम्पैनलमेंट के बाद अब वे केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, केंद्रीय पुलिस संगठनों और सुरक्षा बलों में डीजी स्तर के पदों पर नियुक्ति के लिए पात्र हो गए हैं।
दीपम सेठ का नाम लंबे समय से केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए चर्चा में रहा है। एम्पैनलमेंट के बाद प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि भविष्य में यदि केंद्रीय सुरक्षा बलों या किसी महत्वपूर्ण केंद्रीय एजेंसी में शीर्ष पद का अवसर मिलता है तो वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि फिलहाल अगले कुछ महीनों में डीजी स्तर के सीमित पद ही रिक्त होने की संभावना है, इसलिए किसी संभावित नियुक्ति के लिए उन्हें प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
आईपीएस खंडूड़ी को मिली नई जिम्मेदारी
उधर, उत्तराखंड कैडर के 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी जनमेजय खंडूरी को भी केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार उन्हें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में महानिरीक्षक (IG) के पद पर नियुक्त किया गया है।
जनमेजय खंडूरी वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) में उप महानिरीक्षक (DIG) के रूप में कार्यरत थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपराध आंकड़ों के आधुनिकीकरण, सूचना प्रबंधन और पुलिसिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य किया। अब उन्हें देश की सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमा सुरक्षा बल आईटीबीपी में आईजी के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आधिकारिक आदेश के अनुसार उनका कार्यकाल 9 फरवरी 2030 तक अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। आईटीबीपी में उनकी नियुक्ति को उनकी प्रशासनिक दक्षता और पेशेवर अनुभव का सम्मान माना जा रहा है।
उत्तराखंड के पुलिस एवं प्रशासनिक हलकों में इन दोनों घटनाक्रमों को राज्य कैडर की बढ़ती प्रतिष्ठा के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर, दीपम सेठ का डीजी स्तर पर एम्पैनलमेंट उन्हें केंद्र में शीर्ष जिम्मेदारियों के लिए मजबूत दावेदार बनाता है, वहीं जनमेजय खंडूरी की आईटीबीपी में आईजी पद पर नियुक्ति उत्तराखंड के आईपीएस अधिकारियों की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।



