आरोपियों की गिरफ्तारी और नारेबाजी के बीच गरजी जेसीबी
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सीएम ने कहा, देंगे कड़ी सजा
पानी के विवाद ने ली भाजपा नेता की जान
अविकल उत्तराखण्ड
विकासनगर। सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में खेतों की सिंचाई के पानी को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।
इस संघर्ष में भाजपा से जुड़े किसान नेता विनोद कुमार की मौत हो गई, जबकि उनके परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए। घटना के बाद पूरे पवादून क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल है।
बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच खेत में पानी छोड़ने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। शनिवार को विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल विनोद कुमार को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों में भारी नाराजगी फैल गई।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि देवभूमि की शांति और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाली हिंसक मानसिकता को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जनाक्रोश भड़का, पथराव और आगजनी से गरमाया माहौल

रविवार को मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता बैरागीवाला में जुट गए। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।
वार्ता विफल होने के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित भीड़ ने घटना स्थल के समीप स्थित एक भूसे के गोदाम में आग लगा दी। कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव भी किया गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा। इस दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
प्रशासन ने भारी भीड़ की मौजूदगी मॉन आरोपियों की दुकान पर बुलडोजर चलाया।भीड़ ने पुलिस और पथराव किया।
प्रदर्शन के दौरान कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान के खिलाफ भी नाराजगी जताई और उन पर पक्षपात के आरोप लगाए। हालांकि विधायक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
प्रशासन का सख्त एक्शन, आरोपियों के अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर
हत्या के बाद बढ़ते जनदबाव और कानून-व्यवस्था की चुनौती को देखते हुए जिला प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। भारी पुलिस सुरक्षा के बीच जेसीबी मशीनों से आरोपियों के अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया।

कार्रवाई के दौरान पक्की दीवारें, शेड और अन्य अवैध ढांचों को जमींदोज कर दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने कार्रवाई के समर्थन में नारेबाजी भी की। प्रशासन का कहना है कि अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पूरे बैरागीवाला गांव और आसपास के क्षेत्रों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कई थानों की पुलिस, पीएसी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं।
चार आरोपी गिरफ्तार, मुख्यमंत्री और विधायक ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
दून पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए चार आरोपियों—रज्जाक, सलमान, जावेद और शहबाज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार मामले में 12 नामजद आरोपियों समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

वहीं विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हत्या में शामिल अपराधियों, उन्हें संरक्षण देने वालों तथा क्षेत्र में गुंडागर्दी और अराजकता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी परमेंद्र सिंह डोभाल ने कहा कि हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील की।
फिलहाल, बैरागीवाला और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।



