बोले पूर्व सीएम हरीश, ईडी ने नहीं, सत्ता के अहंकार ने बुलाया
पूर्णिमा श्राद्ध पर मां का आशीर्वाद बना मुख्य संबल
अविकल थपलियाल
देहरादून। मौसम का रेड अलर्ट…और फिर ईडी का भी रेड अलर्ट। देश भर में श्राद्ध पक्ष शुरू… पूर्णिमा का श्राद्ध…और दून की बारिश से बचते हुए छाता थामे पूर्व सीएम हरीश ईडी कार्यालय की ओर बढ़ते हुए..गले में मां की फ़ोटो लटकाए…साथ में कमेंट्री भी जारी रही…36 घण्टे पहले ईडी का नोटिस मिला…मैंने किसी को बताया नहीं..मां के ‘साथ’ आया हूँ।
पूर्व सीएम एनडी तिवारी के समय स्थापित आईटी पार्क स्थित ईडी निदेशालय में शनिवार की सुबह 11.30 बजे पूर्व सीएम रावत और उनके पीएस चंदन सिंह जीना को तलब किया गया था। पांच से छह घण्टे तक ईडी के अधिकारियों ने दोनों से पूछताछ की।
गौरतलब है कि 11 सितंबर को ईडी ने पूर्व सीएम हरीश रावत के पीएस/ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना के रायपुर, दून स्थित आवास में छापा मारकर 32 लाख नगद व आभूषण व बेशकीमती घड़ियां बरामद की थी। ईडी सूत्रों ने इस नगदी को 2016 में हुए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती घोटाले से जुड़ी रकम बताया था।
इसी सिलसिले में 26 सितंबर को हरीश रावत व चंदन सिंह जीना को ईडी कार्यालय बुलाया गया था।
बहरहाल, बीमारी से उबरे हरीश रावत ने ईडी की पूछताछ के ज्ञात-अज्ञात भय को हावी नहीं होने दिया। ईडी कार्यालय में जाने व कई घण्टे की पूछताछ की थकान के अक्स भी नजर नहीं आये। मीडिया से बातचीत इन चेहरे पर मुस्कराहट बरकरार रही और भाजपा पर कई व्यंग्य बाण भी चला दिए।

ईडी कार्यालय से बाहर आने के बाद लगभग 5.30 बजे प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी में साफ कहा कि।उन्हें ईडी ने नहीं बल्कि सत्ता के अहंकार ने बुलाया है।
सवालों के जवाब में हरदा ने कहा कि उनका अनुभव खट्टा-मीठा और कुछ निराशा भरा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकारें बदले की भावना से काम कर रही हैं और अगर इसी तरह काम हुआ तो देश कैसे चलेगा।
पूर्व सीएम ने कहा कि उन्हें अपनी नहीं, बल्कि देश और समाज की चिंता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें ईडी ने नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार और आगामी चुनावों को लेकर सत्तापक्ष के डर व चिंताओं ने बुलाया था।
बीजेपी और ईडी का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि खराब स्वास्थ्य के कारण वह दिल्ली में थे, लेकिन इस बहाने उन्हें उत्तराखंड आने का मौका मिल गया। वहीं पूछताछ को लेकर उन्होंने कहा कि अंदर बहुत प्यार से बातचीत हुई और जो हकीकत थी, वह उन्होंने अधिकारियों को बता दी है। हरदा ने भाजपा व ईडी को थैंक यू कहकर राजनीतिक जंग जारी रखने के भी संकेत दिए।
26 सितंबर को हुई पूछताछ के दौरान हरीश रावत समर्थक ईडी कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी करते रहे। अपनी बात कहने के बाद पूर्व सीएम हरीश रावत ने शहीदों को नमन किया।
कुल मिलाकर अब सभी की निगाहें ईडी के अगले कानूनी कदम पर टिकी है। यहां, यह भी उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को सीएम धामी और हरीश रावत ने एक दूसरे की जमकर तारीफ कर सभी को चौंका दिया था।
उधर, हरदा व गोदियाल ने ईडी के एक्शन को सत्ता के अहंकार से जोड़ते हुए चुनावी जंग में ताजा तड़का लगा दिया…
ईडी की लंबी पूछताछ के बाद पूर्व सीएम ने शहीदों को किया नमन
प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय में लगभग छह घंटे चली लंबी पूछताछ के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत सीधे दून के विभिन्न शहीद स्मारकों एवं प्रतिमाओं पर पहुंचे।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सबसे पहले गांधी पार्क में नेताजी सुभाष चंद्र बोस एवं शहीद केसरी चंद की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने गांधी पार्क स्थित कारगिल युद्ध के वीर शहीदों के स्मारक पर पुष्प अर्पित कर देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अमर शहीदों को नमन किया।

पूर्व सीएम हरीश रावत नींबूवाला स्थित शहीद दल बहादुर थापा की प्रतिमा पर पहुंचे और माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
हरीश रावत ने महान स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद दुर्गा मल्ल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
उन्होंने भारतीय सेना के पहले जीवित जवान जिन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया, शहीद धन बहादुर थापा की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत चीड़ बाग स्थित शहीद स्मारक भी पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय सेना के रणबांकुरों और जांबाज शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अंतिम चरण में हरीश रावत ने पूर्व सीडीएस एवं उत्तराखंड के गौरव, स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि “भारत के वीर सैनिकों ने अपने खून से देश की सीमाओं की रक्षा की है। हरीश रावत ने कहा कि गोरखा समाज और भारतीय सेना का देश की सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में गौरवशाली योगदान रहा है।

इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार, ओम प्रकाश सती बब्बन, विरेन्द्र पोखरियाल, मोहन काला, नितिन चंचल, फैजल, गरिमा दसोनी, संजय शर्मा, पूर्व दायित्वधारी वालिया, मनीष नागपाल, विरेन्द्र रावत,नवीन रमोला,सुलेमान अली, सूरज व रितेश क्षेत्री मौजूद रहे।
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पूर्व सीएम के पीएस के ठिकाने से 1.28 करोड़ की संपत्ति जब्त-फ्रीज



