पहल-कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मदद को बढ़ाया हाथ

सेना भर्ती की तैयारी में जुटी एकेडमी को निजी तौर पर आर्थिक मदद दी

एकेडमी ने रखी भवन व संसाधनों की मांग

अविकल उत्तराखण्ड

उत्तरकाशी। भारतीय सेना और विभिन्न सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच तिलोथ स्थित गंगोत्री फिजिकल एकेडमी पहुंचे कैबिनेट मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा युवाओं की मेहनत, अनुशासन और एकेडमी की गतिविधियों से प्रभावित हुए। उन्होंने अपने निजी स्तर से एकेडमी को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। एकेडमी के अनुसार, घोषणा के करीब चार घंटे के भीतर यह राशि उसके खाते में हस्तांतरित भी हो गई।
एकेडमी के कार्यक्रम में युवाओं से संवाद करते हुए बहुगुणा ने उनकी तैयारियों, प्रशिक्षण व्यवस्था और अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सीमांत जिले के युवाओं में प्रतिभा और जज्बे की कमी नहीं है। सरकार का प्रयास है कि उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने युवाओं को लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, जिला समन्वयक प्रताप रावत समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। एकेडमी अध्यक्ष चंद्रमोहन सिंह पंवार ने अतिथियों का स्वागत किया और एकेडमी की गतिविधियों व प्रशिक्षण व्यवस्था की जानकारी दी।

चार साल में 310 युवाओं के सेना में चयन का दावा

गंगोत्री फिजिकल एकेडमी के संस्थापक चंद्रमोहन सिंह पंवार ने 25 सितंबर को प्रभारी मंत्री को दिए पत्र में बताया कि तिलोथ स्थित एकेडमी आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर बालक-बालिकाओं को सेना व अन्य सेवाओं के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण दे रही है। पत्र के अनुसार, पिछले चार वर्षों में एकेडमी से प्रशिक्षित 310 युवा भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं। वहीं कार्यक्रम की समाचार रिपोर्ट में यह संख्या करीब 380 बताई गई है। दोनों आंकड़ों में अंतर होने के कारण एकेडमी के आधिकारिक रिकॉर्ड से इसकी पुष्टि अपेक्षित है।
पत्र में कहा गया है कि युवाओं की बढ़ती संख्या और सीमित संसाधनों को देखते हुए एकेडमी को कई सुविधाओं की आवश्यकता है। इनमें भवन का जीर्णोद्धार, विस्तार, मरम्मत व सौंदर्यीकरण, निःशुल्क ऑनलाइन कक्षाओं के लिए बड़ी टीवी/डिस्प्ले स्क्रीन, पर्याप्त शौचालय-बाथरूम और रंग-रोगन, तथा करीब 30 बालिकाओं के लिए अलग भवन/कक्ष शामिल हैं।
एकेडमी ने सीएसआर और जनसहयोग के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ये सुविधाएं किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि देशसेवा का सपना देख रहे युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मांगी गई हैं।


एकेडमी का कहना है कि वह निजी प्रयासों से निःशुल्क प्रशिक्षण संचालित कर रही है और सीमित संसाधनों के बावजूद युवाओं को सेना व अन्य सुरक्षा सेवाओं में जाने के लिए तैयार कर रही है। प्रभारी मंत्री की ओर से मिली पांच लाख रुपये की सहायता से प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है।

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