सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, आंदोलन जारी
कहा, आपका संघर्ष बेकार नहीं जाएगा, पेपर माफिया पर होगा निर्णायक प्रहार
पेपर लीक पर कैबिनेट का बड़ा फैसला जल्द
कठोर कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट से दोषियों की उलटी गिनती शुरू
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। बीते 26 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अनशन तोड़ दिया। उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर युवाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर सीधे हस्तक्षेप किया है। जबकि जंतर मंतर पर छात्रों का आंदोलन जारी है।
देखें पीएम का संदेश
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प्रधानमंत्री मोदी ने जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आधी रात देश के युवाओं के नाम वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों के सपनों और भविष्य पर हमला है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है और पेपर माफिया को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
‘हर ईमानदार छात्र के साथ सरकार’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी चिंता उन लाखों युवाओं की है, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। उन्होंने कहा कि ईमानदार छात्रों का विश्वास टूटने नहीं दिया जाएगा और उनके भविष्य की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
पेपर माफिया पर अब निर्णायक वार
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई महीनों में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर कानूनी प्रावधानों के जरिए यह सुनिश्चित करेगी कि पेपर लीक करने वाले वर्षों तक कानून की पकड़ से बच न सकें। उनका संदेश साफ था, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की अब कोई जगह नहीं है।

छात्रों का साल बचाना बनी पहली प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल दोषियों को पकड़ने पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि मेहनत करने वाले छात्रों का एक वर्ष बर्बाद न हो। कम समय में लाखों अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा कराई गई और समय पर परिणाम घोषित किए गए। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में भी सरकार ने छात्रों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
कानून होगा अब और सख्त
प्रधानमंत्री ने बताया कि पेपर लीक के मामलों में और कठोर सजा का प्रावधान करने वाले प्रस्ताव पर कैबिनेट विचार करेगी। मंजूरी के बाद इसे जल्द संसद में लाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करना है, जिससे भविष्य में कोई भी संगठित गिरोह युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
पहले ही लागू किया जा चुका है एंटी पेपर लीक कानून
केंद्र सरकार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू कर चुकी है। इस कानून में पेपर लीक, नकल और संगठित परीक्षा अपराधों के लिए कठोर सजा, भारी जुर्माना और गैर-जमानती प्रावधान किए गए हैं। अब सरकार इसके प्रभावी क्रियान्वयन और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रही है।
जंतर-मंतर के छात्रों के लिए उम्मीद का संदेश
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे बड़ी मांग निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई रही है। प्रधानमंत्री के आधी रात के संदेश को सरकार की ओर से इसी दिशा में उठाए जा रहे ठोस कदमों के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि छात्रों की आवाज सुनी जा रही है और व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं।
‘युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा’
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोहराया कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले हर छात्र का सम्मान सुरक्षित रहेगा और युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करने वालों को कानून के दायरे में लाकर कठोर सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का लक्ष्य केवल दोषियों को सजा देना नहीं, बल्कि ऐसी परीक्षा व्यवस्था स्थापित करना है, जिस पर देश का हर छात्र निश्चिंत होकर भरोसा कर सके।
सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, आंदोलन जारी
सोनम वांगचुक ने 26 दिनों का अपना अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र-युवा आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। आंदोलन के आयोजकों ने साफ कहा है कि उनकी प्रमुख मांगें अभी भी बरकरार हैं और धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
गुरुवार/शुक्रवार की रात मेदांता में भर्ती
सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना अनशन तोड़ा। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक चली बातचीत और संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया।
सरकार की ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिए जाने की भी खबरें हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे संगठनों, विशेषकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), ने स्पष्ट किया है कि सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त होने का अर्थ आंदोलन की समाप्ति नहीं है। उनका कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही तय करना तथा छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों में राहत शामिल हैं।
केंद्र सरकार और आंदोलन के प्रतिनिधियों के बीच औपचारिक बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई गई है। इसे आंदोलन के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है, लेकिन जंतर-मंतर का आंदोलन जारी है। अब यह आंदोलन व्यक्तिगत अनशन से आगे बढ़कर परीक्षा सुधार और राजनीतिक जवाबदेही की मांगों पर केंद्रित जन आंदोलन के रूप में जारी है।
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