नकल माफियाओं को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी-धामी
विपक्ष ने पेपर लीक पर तरेरी आंखे
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। पेपर लीक को लेकर देश भर में चल रहे आंदोलन के बीच प्रदेश के टेक्निकल विवि की परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने से खलबली का माहौल है। हालांकि, इस सनसनीखेज प्रश्न पत्र लीक के आरोपी सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन आरोपी के अन्य सहयोगी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चाहे भर्ती परीक्षाएं हों या विश्वविद्यालय की परीक्षाएं, किसी भी प्रकार की नकल, प्रश्नपत्र लीक या परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लागू सख्त नकलरोधी कानून और लगातार की जा रही कार्रवाई के परिणामस्वरूप विभिन्न मामलों में अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं एवं उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है और इस दिशा में अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा।
गौरतलब है कि दून पुलिस ने उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र आउट करने के आरोप में शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
कोतवाली प्रेमनगर में परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के अनुसार 8 जुलाई को आयोजित यूटीयू की सम-सेमेस्टर परीक्षा से पहले आरोपी सहायक प्रोफेसर ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न छात्रों के साथ साझा किए थे।
परीक्षा संपन्न होने के बाद प्रश्नपत्र का मिलान करने पर साझा किए गए प्रश्नों में काफी समानता पाई गई। विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति ने भी अपनी जांच में पाया कि परीक्षा से पूर्व छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप एवं अन्य माध्यमों पर समान प्रश्न साझा किए गए थे।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साक्ष्य संकलित किए और 23 जुलाई को आरोपी सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया।
मामले में बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है तथा इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है। इस प्रकरण में पेपर लीक गैंग में कई और भी आरोपी होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि ‘अविकल उत्तराखण्ड” ने 22 जुलाई को यूटीयू की जांच के बाद हुए एक्शन को प्रमुखता से उजागर कर पाठकों तक पहुंचाया था। मौके की नजाकत भांप कांग्रेस समेत अन्य संगठनों ने पेपर लीक को लेकर यूटीयू की परीक्षा प्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। और उच्च स्तरीय कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।और बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी के साथ चुनावी मुद्दा बनाने का भी ऐलान किया है।
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