शासन ने फिर आयुर्वेद विवि के कुलपति के अनुरोध को मानने से इनकार किया

विवि में चिकित्सकों का अटैचमेंट बनाये रखने का मामला

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। शासन ने एक बार फिर उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सुनील जोशी के चिकित्सकों के अटैचमेंट को यथावत बनाये रखने के अनुरोध/ प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है।

शासन ने साफ कह दिया कि अटैचमेंट खत्म करने का निर्णय में कोई बदलाव नहीं होगा।

विवि के प्रभारी कुलसचिव डॉ राजेश कुमार अधाना व अन्य चिकित्सकों को बनाये रखने के लिए सरकार व कुलपति ले बीच जारी पत्राचार चर्चा का विषय बना हुआ है।

प्रेषक,
संख्या 23 /XL-1/2022-175/2010 T.C.-s
गजेन्द्र सिंह कफलिया, उप सचिव, उत्तराखण्ड शासन।
सेवा में,
कुलपति,
उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, हर्रावाला, देहरादून।
आयुष एवं आयुष शिक्षा अनुभाग
देहरादून 10 जनवरी, 2023
विषय:- महोदय,
उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में सम्बद्ध चिकित्साधिकारियों के सम्बन्ध में।
उपरोक्त विषयक अपने पत्र संख्या-3003 / उ. आ. वि. / कुलपति / 2022-23, दिनांक 05.01.2023 का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके माध्यम से विश्वविद्यालय के परिसरों की सशर्त मान्यता के दृष्टिगत विश्वविद्यालय द्वारा मा० उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका संख्या-3463 / 2022 में मा0 उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 12.01.2023 को सुनवायी की तिथि निर्धारित की गयी है. तत्क्रम में कुलपति द्वारा विश्वविद्यालय में सम्बद्ध चिकित्साधिकारियों की सम्बद्धता यथावत रखने का अनुरोध किया गया है।
2- संज्ञानित कराना है कि शासन द्वारा प्रचलित नियमों के अनुसार दी गयी अनुमति के क्रम में उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा एन०सी०आई०एस० एम० के मानकों की पूर्ति हेतु शैक्षणिक संवर्ग के सृजित पदो के सापेक्ष रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु विज्ञप्ति संख्या-1212 / उ०आ०वि० / अधि० / विज्ञप्ति / 2017-18 दिनांक 05.08.2017 को विज्ञप्ति प्रकाशित की गयी थी। परिनियमवली-2015 की धारा-36 (1) (घ) में किये गये प्राविधानानुसार उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर एवं ऋषिकुल एवं गुरुकुल परिसरों में शैक्षिक संवर्ग के पदों पर नियुक्ति हेतु अनुमति प्रदान की गयी थी किन्तु ऐसा प्रतीत होता है कि विश्वविद्यालय द्वारा अधिनियम की धारा 36 ( 1 ) में किये गये प्राविधानानुसार नियुक्ति प्रक्रियाऐं वर्तमान तक पूर्ण नहीं की गयी है।
3- पूर्व में निर्गत अनुमति के क्रम में शिक्षक संवर्ग में अधिकांश पदों पर नियमित नियुक्ति के उपरान्त तत्समय रिक्त रह गये अवशेष पदों को भरे जाने हेतु विश्वविद्यालय के पत्र संख्या-1385 / उ०आ०वि० / 2022-23 दिनांक 25.09.2022 के द्वारा उक्त रिक्त पदों को संविदा / वाक इन इन्टरव्यू के माध्यम से भरे जाने हेतु चाही गयी अनुमति के क्रम शासन के पत्र संख्या-2549/X1-1/2022- 61/2022 दिनांक 02.12.2022 द्वारा उक्त पदों को भरे जाने की अनुमति प्रदान की जा चुकी है। जिस हेतु दिनांक 28.122022 एवं 29.12.2022 को साक्षात्कार प्रक्रिया आयोजित की गयी थी। उक्त साक्षात्कार के उपरान्त विश्वविद्यालय के पत्र संख्या-2886 दिनांक 29.12.2022 के द्वारा वॉक इन इन्टरव्यू का परिणाम घोषित किया जा चुका है। वॉक इन इन्टरव्यू का परिणाम घोषित हो जाने के उपरान्त भी विश्वविद्यालय द्वारा फैकल्टी की कमी तथा विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों की मान्यता संकट में होने का उल्लेख करते हुए पत्राचार किया जा रहा है जिससे यह प्रतीत होता है कि शासन द्वारा बार-बार अनुमति दिये जाने के उपरान्त भी विश्वविद्यालय द्वारा रिक्तियों को भरने के सम्बंध में समुचित कार्यवाही नहीं की गयी है।
4- उल्लेखनीय है कि आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवायें विभाग में चिकित्साधिकारियों की अत्यधिक कमी को देखते हुए तथा चिकित्साधिकारियों के अभाव में आयुर्वेदिक चिकित्सालयों का संचालन अवरूद्ध हो जाने के दृष्टिगत शासन द्वारा विश्वविद्यालय में सम्बद्ध चिकित्साधिकारियों की सम्बद्धता समाप्त करने का निर्णय लेते हुए शासन के कार्यालय आदेश दिनांक 30.05.2022 के द्वारा विश्वविद्यालय में सम्बद्ध चिकित्साधिकारियों की सम्बद्धता समाप्त करते हुए एक माह के भीतर उक्त चिकित्साधिकारियों को उनके मूल तैनाती स्थान हेतु कार्यमुक्त किये जाने के निर्देश दिये गये थे। उक्त आदेश में विश्वविद्यालय को स्पष्ट रूप से 01 माह के भीतर पदों को भरे जाने के निर्देश दिये गये थे, किन्तु विश्वविद्यालय द्वारा रिक्तियों को भरे जाने हेतु किसी प्रकार की कार्यवाही किये जाने का प्रयास किया जाना विदित नहीं होता है।

आपके द्वारा प्रेषित पत्र दिनांक 05.01.2023 के क्रम में अवगत कराना है कि आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारियों का नियुक्ति प्राधिकारी शासन है तथा नियुक्ति प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी कार्मिक को अन्य संस्था द्वारा अपने परिसरों की माता के रूप में दर्शाया नहीं जा सकता है।

6- अवगत कराना है कि रिकी सम्बद्धता रखे जाने सम्बंधी आपके द्वारा पूर्व में प्रेषित समस्त पत्र एवं पत्र दिनांकित 24.12.2022 के क्रम में शासन के पत्र संख्या-2000 दिनांक 27.12.2022 के द्वारा शासन निर्णय से विश्वविद्यालय को भली-गाति अवगत कराया जा चुका है, जिसके सम्बंध में निदेशक आयुर्वेद के पत्र दिनांक 06.01.2023 के द्वारा अवगत कराया गया है कि डॉ० राजेश कुमार व डॉ० सतीश कुमार को छोड़कर अन्य समस्त सम्बद्ध चिकित्साधिकारियों द्वारा अपने मूल तैनाती स्थान पर कार्यभार ग्रहण किया जा चुका है। शासन के पत्र दिनांक 27.122022 द्वारा लिया गया निर्णय शासन का अन्तिम निर्णय है जो कि वर्तमान में भी है।

अंतः एक के दृष्टिगत आपके अनुरोध पत्र दिनांक 05.01.2020 में कोई नया तस्य न होने आधार पर प्रकरण में पुर्नविचार का अवसर नहीं है।

गजेन्द्र सिंह कफलिया

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