टिहरी मेडिकल कालेज विवाद की  कहानी सीएम दरबार तक पहुंची

सीएम ने मंत्री सुबोध और विधायक किशोर के दिल की सुनी

टिहरी मेडिकल कालेज पर ‘शनि’ की छाया

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। मशहूर शायर शेर बशीर बद्र का एक प्रसिद्ध शेर है-
दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे,
जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों।
यह शेर टिहरी जिले के दो पुराने कांग्रेसी (अब भाजपाई) नेताओं किशोर-सुबोध पर बिल्कुल फिट बैठता है। टिहरी जिले के इन दोनों नेताओं की जंग एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है।

प्रस्तावित मेडिकल कालेज की कथित शिफ्टिंग के विरोध में शुक्रवार को नई टिहरी में फूटा आक्रोश

टिहरी मेडिकल कालेज विवाद के सड़क पर आने के बाद सीएम धामी ने पहल करते हुए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल और भाजपा विधायक किशोर उपाध्याय को एकसाथ बैठाकर सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा देकर उठ रही जंगी लपटों पर ठंडी फुहार डालने की कोशिश की है।
इस मुद्दे पर पहले किशोर की सुबोध उनियाल को दी गयी चेतावनी और फिर नई टिहरी की जनता का सड़कों पर स्वास्थ्य मंत्री को गरियाने से हो रही किरकिरी ने भाजपा को बेचैन कर दिया था।


नतीजतन, कुमाऊं और फिर हरिद्वार के कार्यक्रमों से फारिग होने के बाद सीएम धामी ने शनिवार की रात कांग्रेसी गोत्र के इन दोनों भाजपाई नेताओं को अपने सरकारी आवास पर बुलाया। और कहा कि मेडिकल कालेज की स्थापना पर जनभवनाओं के आधार पर फैसला किया जाएगा।


किशोर ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया था कि वे टिहरी विधानसभा के लिए प्रस्तावित  मेडिकल कालेज को अन्यत्र शिफ्ट करना चाहते हैं। किशोर ने गम्भीर परिणाम भुगतने की धमकी भो दे डाली थी।।

भेंट के दौरान टिहरी जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी जैसे महत्वपूर्ण एवं भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील जनपद में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा संस्थान की स्थापना न केवल स्थानीय जनता के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी, बल्कि पूरे गढ़वाल मंडल के स्वास्थ्य ढांचे को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप इस दिशा में सकारात्मक एवं ठोस कदम आगे बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार एवं आधुनिकीकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के दूरस्थ, पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों तक भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार व्यवस्था प्रभावी रूप से पहुंच सके। इसके लिए चिकित्सा अवसंरचना के विकास, मेडिकल एवं नर्सिंग शिक्षा के विस्तार, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री को टिहरी जनपद की स्वास्थ्य आवश्यकताओं, चिकित्सा शिक्षा के विस्तार तथा मेडिकल कॉलेज स्थापना से संबंधित प्रस्तावों एवं संभावनाओं की जानकारी दी। विधायक  किशोर उपाध्याय ने भी टिहरी क्षेत्र की जनभावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को क्षेत्र की दीर्घकालिक आवश्यकता बताया।

मुख्यमंत्री ने दोनों जनप्रतिनिधियों के सुझावों एवं प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक मजबूत, आधुनिक एवं जनोन्मुख बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है तथा इस दिशा में आवश्यक सभी कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाएंगे।

दिल से दिल मिले कि नहीं…

शनिवार के दिन हुए हाई प्रोफाइल बैठक के बाद मेडिकल कालेज को ‘ इणिया’ से  ‘पिफल्टी’ शिफ्ट करने की योजना पर विराम लगने की संभावना नजर आ रही है। लेकिन दोनों भाजपा नेताओं की पुरानी जंग का नया ट्रेलर देश दुनिया ने अच्छे से देख लिया है। चुनावी साल में भाजपा विधायक किशोर उपाध्याय का स्वास्थ्य मंत्री को खुलेआम धमकी देकर विपक्षी दलों को मजबूत चुनावी तीर थमा दिया है।

Pls clik,क्या है मेडिकल कालेज विवाद

कांग्रेसी गोत्र के दो भाजपाई नेताओं में जोरदार भिड़ंत

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