टोंस नदी पर पुल क्षतिग्रस्त होने के मामले में तीन इंजीनियर निलंबित

16 करोड़ के पुल की एप्रोच रोड 28 जुलाई को धंसी थी

अधिशासी अभियंता राजेश कुमार के साथ सहायक अभियंता अमित त्यागी और जेई नवीन गैरोला पर कार्रवाई

अविकल थपलियाल

देहरादून। देहरादून-पांवटा साहिब पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टोंस नदी पर नवनिर्मित पुल के एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने के मामले में लोक निर्माण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शासन ने मामले में अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, सहायक अभियंता अमित त्यागी और जूनियर इंजीनियर नवीन गैरोला को निलंबित कर दिया है। लोनिवि सचिव पंकज पांडे की ओर से यह निलंबन आदेश जारी किए गए।

गौरतलब है कि देहरादून के प्रेमनगर (नंदा की चौकी) स्थित टोंस नदी पर बने नवनिर्मित पुल की एप्रोच रोड और उसका एक हिस्सा 28 जुलाई  की सुबह भारी बारिश के कारण धंस गया था।
यह 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ था और घटना से मात्र 16 दिन पहले ही (12 जुलाई 2026 को) जनता के लिए दोबारा खोला गया था।

पुल की एप्रोच रोड में आई गंभीर क्षति के लिए प्रथम दृष्टया तकनीकी खामियों और निर्माण कार्य की निगरानी में लापरवाही को जिम्मेदार माना गया है।
शासन की ओर से 7 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय आदेश के मुताबिक, टोंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के बाद कराई गई प्रारंभिक जांच में कई गंभीर तकनीकी खामियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि डिजाइन कंसल्टेंट की ओर से नदी के डायवर्जन कार्य का डिजाइन दिया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके अलावा नदी के प्रवाह, रिवर बेड के क्रॉस स्लोप और नदी की मेन्डरिंग नेचर को ध्यान में रखते हुए रिवर ट्रेनिंग के लिए आवश्यक उपाय भी नहीं किए गए।
इन खामियों के चलते नदी का प्रवाह एक स्थान पर केंद्रित हो गया। इससे पुल के एबटमेंट के अपस्ट्रीम हिस्से में भारी स्कॉरिंग हुई और एप्रोच रोड में कैविटी बन गई, जिससे सड़क क्षतिग्रस्त हो गई।
शासन ने प्रथम दृष्टया इसे सरकारी कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही और पर्यवेक्षण में शिथिलता माना है। आदेश में कहा गया है कि अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने तकनीकी निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण, अनुबंधीय शर्तों के अनुपालन और अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
इसके साथ ही सहायक अभियंता अमित कुमार और जूनियर इंजीनियर नवीन गैरोला को भी मामले में निलंबित किए जाने की कार्रवाई की गई है। तीनों के खिलाफ विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निलंबन अवधि में संबंधित अधिकारियों को वित्तीय नियमों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। निलंबन के दौरान राजेश कुमार को लोक निर्माण विभाग, देहरादून के प्रमुख अभियंता कार्यालय से संबद्ध किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के वे मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कार्यदायी कंपनी पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर आश्चर्य जताया है।

देहरादून-पांवटा साहिब मार्ग पर टोंस नदी पर बना यह पुल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण यातायात संपर्क प्रदान करता है। पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी को लेकर सवाल उठे थे। प्रारंभिक जांच में नदी के प्राकृतिक प्रवाह और रिवर ट्रेनिंग से जुड़े आवश्यक उपाय नहीं किए जाने की बात सामने आने के बाद शासन ने जिम्मेदारी तय करते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।

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