चारधाम मंदिरों की पूजा का लाइव प्रसारण नहीं ! हरेला की रही धूम

जबकि मंत्री महाराज ने कहा कि पूजा के सजीव प्रसारण को लेकर बोर्ड के सदस्यों की राय से हाईकोर्ट को अवगत कराया जाएगा। प्रेस नोट की भाषा व महाराज के वीडियो की भाषा से लाइव प्रसारण पर बोर्ड के फैसले से असमंजस की स्थिति बन गयी है। देखें वीडियो

नैनीताल हाईकोर्ट ने कहा था कि जगन्नाथ पुरी की तरह चारधाम पूजा का लाइव प्रसारण किया जाय

चारधाम मंदिरों में पुरानी परंपराएं चलती रहेंगी, शंकाएं भी दूर की जाएंगी

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई उत्तराखण्ड चार धाम देवस्थानम् प्रबन्धन बोर्ड की बैठक

बोर्ड के वर्ष 2021-22 के बजट को हरी झंडी मिली

जोशीमठ में स्थापित होगा वेद अध्ययन केन्द्र

अविकल उत्त्तराखण्ड

देहरादून।धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए चारधाम की पूजा का लाइव प्रसारण नहीं होगा। शुक्रवार को बोर्ड की बैठक में श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री मन्दिरों के गर्भगृह से सजीव प्रसारण न किये जाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। सरकारी प्रेस नोट में यह जानकारी दी गयी।

गौरतलब है कि पूर्व में प्रदेश सरकार के चारधाम यात्रा खोले जाने पर हाईकोर्ट ने कोरोना संकट का उदाहरण देते हुए आपत्ति जतायी थी। साथ ही गर्भ गृह की पूजा के लाइव प्रसारण का सुझाव दिया था। इस संबंध में हाईकोर्ट ने देश के कुछ प्रमुख धार्मिक स्थलों के लाइव प्रसारण का भी उदाहरण दिया था।

हाईकोर्ट की रोक के बाद राज्य सरकार घोषित तिथि 1 जुलाई से चारधाम यात्रा शुरू नहीं कर पाई थी।

अलबत्ता, धर्म एवम संस्कृति मंत्री ने वीडियो जारी कर कहा कि चारधाम में पूजा के लाइव प्रसारण के लिए बोर्ड के सदस्यों से विचार मांगे गए हैं। बोर्ड के सदस्यों की भावना से हाईकोर्ट को अवगत कराया जाएगा। धर्म एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने वीडियो जारी कर देव स्थानाम बोर्ड में गठन से जुड़ी तीर्थ पुरोहितों की शंकाओं को दूर करने की बात भी कही। बोर्ड के गठन को लेकर तीर्थ पुरोहित आंदोलन की राह पर हैं।

देखें वीडियो

इधर, शुक्रवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम स्थित मन्दिरों में पुरानी परम्परायें चलती रहेगी। राज्य सरकार का कार्य मन्दिर की आन्तरिक व्यवस्थाओं पर अधिकार करना नही बल्कि सहयोग करना है। उन्होंने कहा कि मन्दिर परिसरों की सुविधाओं के विकास में सहयोगी बनना है। उन्होंने सभी सदस्यों से इस सम्बन्ध में सभी को अवगत कराने की भी अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित लोगों से वार्ता भी की जायेगी।

शुक्रवार को  उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की तीसरी बैठक में बोर्ड के वर्ष 2021-22 के बजट पर मुहर लगाई गई।  इसके साथ ही जोशीमठ में श्री बद्रीनाथ वेद वेदांग स्नात्तकोतर संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ की अध्यासन वाली भूमि पर वेद अध्ययन केन्द्र स्थापित किये जाने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक में बोर्ड द्वारा धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री मन्दिरों के गर्भगृह से सजीव प्रसारण न किये जाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
बैठक में श्री केदारनाथ धाम में पूजा/यात्रा व्यवस्था के सफल संचालन हेतु मास्टर प्लान के अनुसार आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कार्य सम्पादित करने हेतु कन्सलटेंट चयनित किये जाने पर भी सहमति दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा संचालित न होने की दशा में आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिये जाने पर भी विचार किया जायेगा, इसके लिये मुख्यमंत्री ने संशोधित प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा।

बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम बोर्ड  रविनाथ रमन ने बोर्ड के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में श्री बद्रीनाथ देवस्थानम हेतु 24.46 करोड़, श्री केदारनाथ देवस्थानम के लिये 29.92 करोड़ तथा गंगोत्री एवं यमुनोत्री के लिये 50-50 लाख का बजट प्रस्तावित है जिसे बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।

बैठक में पर्यटन मंत्री तथा उपाध्यक्ष चारधाम देवस्थानम बोर्ड  सतपाल महाराज, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, सचिव  दिलीप जावलकर, अपर सचिव वित  वी षणमुगम, बोर्ड के सदस्यों में महाराजा मनुजेन्द्र शाह, श्री निवास पोस्ती,  आशुतोष डिमरी,  गोविन्द सिंह पंवार, कृपाराम सेमवाल,  जयप्रकाश उनियाल व महेन्द्र शर्मा उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड वीडी सिंह, वित नियन्त्रक जगत सिंह बिष्ट, डॉ. हरीश गौड, अनिल ध्यानी, प्रमोद नौटियाल, कुलदीप नेगी  भी उपस्थित थे।

उत्त्तराखण्ड में रही हरेला की धूम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एमडीडीए सिटी पार्क में किया वृक्षारोपण

जनता से बुके की जगह पौधा भेंट करने का मुख्यमंत्री ने किया आग्रह

हरेला पर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर एवं परंपरा का प्रतीक

विकास के साथ ही पर्यावरण संतुलन के लिए किए जा रहे हैं प्रयास – वन मंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहस्त्रधारा हेलीपैड के निकट एम.डी.डी.ए सिटी पार्क में वृक्षारोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला सम्पन्नता, हरियाली एवं पर्यावरण संरक्षण का पर्व है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर एवंं परंपरा का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री शपुष्कर सिंह धामी ने जनता से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री से भेंट के लिए लोग बुके न दें। बुके की जगह पर पौधा भेंट करें।

प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण हो हरेला पर्व पर हमें यह संकल्प लेना है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए अनेक सराहनीय प्रयास किए गए। हमारी भावी पीढ़ी को हरा भरा उत्तराखंड मिले, इस दिशा में हमें लगातार प्रयास करने होंगे। जल स्रोतों के सूखने पर मुख्यमंत्री ने चिन्ता जताते हुए कहा कि जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में प्रयास करने होंगे।

वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकार द्वारा विकास के साथ पर्यावरण संतुलन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड का संतुलित विकास हो यह हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कुछ कार्य आत्म संतुष्टि के लिए भी होने चाहिए। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का परिणाम आज सबके सामने है। प्रकृति अनेक रूपों में बदला जरूर लेती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती लोगों की आस्था का केंद्र है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्धन, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी, अपर प्रमुख वन संरक्षक श्रीमती ज्योत्सना सिथलिंग, डी.जी.के शर्मा, जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष एमडीडीए रणवीर सिंह चौहान एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एसडीआरएफ, जौलीग्रांट में मनाया हरेला


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के अवसर पर एस.डी.आर.एफ बटालियन, जौलीग्रांट में वृक्षारोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला उत्तराखंड का महत्वपूर्ण लोक पर्व है।

उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान उत्तराखंड पुलिस द्वारा सराहनीय कार्य किया किया गया।

स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड कि संस्कृति से जुड़ा पर्व है। उन्होंने कहा कि एस.डी.आर.एफ द्वारा उत्तराखंड में सराहनीय कार्य कार्य किया जा रहा है।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि इस वर्ष पुलिस विभाग ने प्रदेश में एक लाख वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया था। 5 जून से अभी तक पुलिस द्वारा 90 हजार से अधिक वृक्षारोपण किए जा चुके हैं।

इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक पी.वी. के. प्रसाद, अपर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अभिनव कुमार एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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