पुलिस से धक्का-मुक्की
दलित नेता की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ की राजनीति क्या लोकतंत्र में स्वीकार्य है?-गोदियाल
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को सचिवालय का घेराव किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस भवन से सचिवालय तक मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और कहासुनी हुई। इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
गोदियाल ने कहा कि हल्द्वानी की घटना ने भाजपा की उस मानसिकता को उजागर किया है, जो राजनीतिक विरोध को सामाजिक और जातिगत अपमान में बदलने से भी पीछे नहीं हटती। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी लोकतांत्रिक सभा के बाद स्थान को ‘शुद्ध’ करने के नाम पर धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है तो क्या ऐसी राजनीति लोकतंत्र में स्वीकार्य है।
उन्होंने भाजपा से स्पष्ट करने को कहा कि क्या वह ऐसी मानसिकता का समर्थन करती है। गोदियाल ने कहा कि किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर उसके कार्यक्रम अथवा उपस्थिति को ‘अशुद्ध’ बताना संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है। कांग्रेस इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि हल्द्वानी की घटना केवल कांग्रेस का अपमान नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना से जुड़ा विषय है। लोकतंत्र में किसी नेता की जाति के आधार पर किसी स्थान को ‘अशुद्ध’ बताने की मानसिकता स्वीकार नहीं की जा सकती। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि वह ऐसी सोच के साथ है या संविधान के समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के साथ।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी वरिष्ठ दलित नेता की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ जैसा आयोजन राजनीतिक विरोध से आगे बढ़कर सामाजिक अपमान का रूप ले लेता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान सामाजिक समरसता और भाईचारे से रही है।
चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश की जनता ने हमेशा जाति और धर्म से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक मूल्यों को महत्व दिया है। उन्होंने भाजपा से पूरे मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस के सह-प्रभारी मनोज यादव ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान का मामला देश के वंचित और दलित समाज की भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समान सम्मान और अधिकार देता है।

कांग्रेस नेताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता से संविधान की समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की भावना की रक्षा की अपेक्षा की जाती है। कांग्रेस ने भाजपा से पूछा कि वह संविधान के साथ खड़ी है या सामाजिक भेदभाव की सोच रखने वालों के साथ।
कांग्रेस ने सरकार से हल्द्वानी प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, कथित ‘शुद्धिकरण’ में शामिल लोगों की भूमिका की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की। गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की जनता विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य चाहती है, जाति और धर्म के नाम पर विभाजन की राजनीति नहीं।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। सचिवालय के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके दौरान धक्का-मुक्की हुई। बाद में पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।



