मुनस्यारी में प्लास्टिक कचरे और आपदा जोखिम पर नई पहल

यूकॉस्ट के शोध प्रोजेक्ट पर काम करेंगी डॉ. बरखा

अविकल उत्तराखंड

रानीखेत। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत के अंग्रेजी विभाग की डॉ. बरखा रौतेला को UCOST की ओर से मुनस्यारी में प्लास्टिक कचरे और आपदा जोखिम से जुड़े विषय पर नया प्रोजेक्ट प्रदान किया गया है।
वह इस प्रोजेक्ट की प्रधान अन्वेषक (PI) होंगी।

डॉ. रौतेला लंबे समय से इको-क्रिटिसिज्म पर कार्य कर रही हैं और इस विषय पर उनके कई शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।
इससे पहले वह मानव–पशु संघर्ष पर एक प्रोजेक्ट पूरा कर उसकी रिपोर्ट और नीति दस्तावेज फरवरी 2026 में जमा कर चुकी हैं। वर्ष 1999 में उन्होंने विश्व बैंक की सहायता से संचालित जलापूर्ति एवं पर्यावरणीय स्वच्छता प्रोजेक्ट में सोशल साइंटिस्ट के रूप में भी कार्य किया था।

डॉ. रौतेला ने इस अवसर के लिए UCOST का आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने उन्हें बधाई देते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गौरव की उपलब्धि बताया।

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