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मोदी से त्रिवेंद्र को हटाने की मांग करने वाले पूर्व मंत्री लाखीराम जोशी निलंबित

सीएम त्रिवेंद्र के खिलाफ पूर्व भाजपा मंत्री का लेटर सोशल मीडिया में हुआ था वायर

भाजपा में सत्ता संघर्ष नये दौर में। चुफाल, फर्त्याल व अब हरक के तीर झेल रहे सीएम त्रिवेंद्र पूर्व मंत्री लाखीराम जोशी के लेटर बम को कैसे फ्यूज करते हैं। है। हालांकि, संगठन पूर्व मंत्री के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। शह और मात के इस राजनीतिक दांव पेंच में सीएम और विरोधी खेमे के कदम का सभी को बेसब्री से इंतजार है….

अविकल उत्त्तराखण्ड

देहरादून। लंबे समय से भाजपा की राजनीति में हाशिये पर चल रहे पूर्व मंत्री लाखीराम जोशी ने दीवाली से ठीक पहले लेटर बम फोड़ते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पर निशाना साधा है। निशाना साधने कब 24 घण्टे के अंदर भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने पूर्व मंत्री जोशी को पार्टी से निलंबित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर पार्टी से निकाले जाने की बात कही गयी है।

पूर्व मंत्री जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाने की मांग की थी।

पीएम मोदी को लिखे पत्र में जोशी ने हाल ही में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ नैनीताल हाईकोर्ट के सीबीआई जांच सम्बन्धी निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा था कि सीएम के कई विवादास्पद फैसलों से पार्टी को कई बार शर्मसार होना पड़ा है।

कोर्ट के फैसले से पार्टी की छवि धूमिल होती जा रही है। पीएम मोदी से अनुरोध किया गया कि सीबीआई जांच के मुद्दे पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को पद से हटाया जाय ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।

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पीएम नरेंद्र मोदी को लिखा पूर्व मंत्री लाखीराम जोशी का यही पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ

पूर्व मंत्री ने कहा कि 2016 की नोटबन्दी के बाद भ्र्ष्टाचार व कालेधन पर हुए प्रहार हुआ। देश की जनता ने आपके निर्णय को भी सराहा।लेकिन 2016 में ही झारखंड के प्रभारी रहते हुए त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विभिन्न खातों में धनराशि जमा करवाई। गौरतलब है कि 2002 के विधानसभा चुनाव में जोशी हार गए थे।

भाजपा संगठन की मूल प्रेस विज्ञप्ति जो डॉ देवेंद्र भसीन ने शुक्रवार को जारी की।

श्री लाखी राम जोशी भाजपा से निलम्बित , नोटिस जारी

देहरादून,13 नवम्बर । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री बंशी धर भगत ने पूर्व भाजपा विधायक व मंत्री रहे श्री लाखी राम जोशी के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए उन्हें पार्टी से निलम्बित कर दिया है ।
साथ ही श्री जोशी को उनके द्वारा लिखे गए एक पत्र के सम्बंध में की गई इस कार्यवाही के अंतर्गत उन्हें नोटिस दे कर उन्हें सात दिन में उत्तर देने के लिए भी कहा गया है। उत्तर न मिलने अथवा उनका उत्तर संतोषजनक न पाए जाने पर उन्हें पार्टी से निकाला भी जा सकता है।

प्रदेश अध्यक्ष श्री भगत ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से है। अतः किसी भी कार्यकर्त्ता को चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, को अनुशासन हीनता के मामले में कोई रियायत नहीं दी जा सकती । यदि किसी के मन में कोई विषय है तो वे सीधा उनसे कहें । वे उस विषय को उचित स्तर पर ले जाएँगे। लेकिन अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती ।

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पूर्व कैबिनेट मंत्री लाखीराम जोशी

इधर,पूर्व मंत्री जोशी के लेटर बम व निलंबन के बाद भाजपा की सियासत में अंदरूनी कशमकश के तेज होने की पूरी उम्मीद है। पार्टी विधायक बिशन सिंह चुफाल व पूरन सिंह फर्त्याल पहले ही अपनी सरकार को घेरे में लेते रहे हैं। कुछ महीने पहले पार्टी नेताओं की सूप और कॉफी की चुस्कियों की भी राजनीतिक गलियारे में खूब चर्चा हुई थी। पूर्व अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मिलकर अपना दर्द रख चुके हैं।मंत्री हरक सिंह भी श्रम बोर्ड से हटाए जाने के बाद निशाना साध रहे हैं। इधर, एकाएक पूर्व मंत्री लाखीराम जोशी के पत्र ने भाजपा में एक नए विवाद को जन्म दे दिया है।

गौरतलब है कि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत बीते काफी समय से कह रहे हैं कि भ्र्ष्टाचार पर प्रहार करने व दलालों के खिलाफ अभियान चलाने की वजह से कुछ लोग लगातार साजिश कर रहे हैं। लेकिन वह पीछे नही हटेंगे और उत्त्तराखण्ड को दलालों से मुक्त करेंगे।

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सीएम त्रिवेंद्र बार बार चुनौतियों के साथ साजिश का भी जिक्र कर रहे हैं। यह भी कहते है दलालों व साजिश करने वालों से कड़ाई से निपटा जाएगा।

पूर्व मंत्री लाखीराम जोशी के 11 नवंबर को लिखे पत्र की शुरुआत में पीएम मोदी को बिहार चुनाव में जीत की बधाई दी गयी है। पूर्व मंत्री जोशी का कहना है कि वो इस मुद्दे पर जल्द ही केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर प्रदेश की गिरती छवि के बारे में बताएंगे। लाखीराम जोशी दो बार (1991 व 1996) में टेहरी गढ़वाल से विधायक का चुनाव जीत उत्तर प्रदेश की विधानसभा पहुंचे थे।

राज्य गठन के बाद जोशी नित्यानंद स्वामी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने थे। लेकिन बाद के वर्षों में जोशी भाजपा की राजनीति में किनारे पर ही खड़े रहे। इस बीच, अचानक धनतेरस पर सोशल मीडिया में वायरल हुए उनके पत्र के बाद संगठन के निलंबन सम्बन्धी त्वरित फैसले से सत्ता की खींचतान नये सिरे से शुरू हो गयी। कुछ बड़े व वजनदार नेता सियासी खेल पर पूरी नजर रखे हुए है। राजनीति की भाजपाई बिसात पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत विरोधी खेमे से चली गयी घोड़े की ढाई चाल से कैसे साफ बच निकलते है। संगठन के निर्णय के बाद भी विरोधी खेमा पलटवार की कोशिश में रहेगा।

अभी तक विरोधी पक्ष की कमोबेश हर चाल को नाकामयाब करने वाले सीएम त्रिवेंद्र रावत की पलट चाल पर ही नजरें टिकी है। पूर्व मंत्री लाखीराम जोशी के लेटर बम को कैसे फ्यूज करते हैं। क्यों कि जोशी अभी भी दिल्ली जाकर केंद्रीय नेतृत्व से मिलने की बात कह रहे हैं।शह और मात के इस राजनीतिक दांव पेंच में सीएम के अलावा पूर्व मंत्री जोशी की नयी चाल का सभी को बेसब्री से इंतजार है….

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