महामंत्री की गिरफ्तारी व एलीफैंट कॉरिडोर पर कांग्रेस सख्त,डीजीपी से मिले

बीजेपी के इशारे पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं- प्रीतम सिंह

52 सौ वर्ग किलोमीटर का एरिया एलीफैंट रिजर्व से बाहर  होगा, वन मंत्री हरक सिंह मौन

तिवारी सरकार ने 17 फारेस्ट डिवीजनों में 14 एलिफेंट रिज़र्व नोटिफाई किए थे

अविकल उत्त्तराखण्ड

देहरादून। टिहरी में पार्टी नेता की गिरफ्तारी व 14 एलीफैंट रिजर्व खत्म करने को लेकर कांग्रेस ने तीखा विरोध जताया।कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने डीजीपी से कहा कि उत्पीड़न की कार्रवाई बर्दाश्त नही की जाएगा।

डीजीपी से विरोध जताते कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह

बुधवार की रात टिहरी पुलिस द्वारा उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री व पूर्व दर्जाधारी याकूब सिद्दीकी की  द्वारा गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को कांग्रेसी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में राज्य के डीजीपी अशोक कुमार से मिल कर गिरफ्तारी का तीखा विरोध किया ।

प्रदेश अध्यक्ष ने डीजीपी से स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर पुलिस राज्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का राजनैतिक पूर्वाग्रहों के चलते उत्पीड़न करेगी तो इसे कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रकरण के संबंध में डीजीपी को ज्ञापन भी दिया गया।

डीजीपी अशोक कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे मामले की निष्पक्ष जांच करवाएंगे उन्होंने आईजी गढ़वाल को मामले की जांच के आदेश दिए।
प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के साथ
डीजीपी से मुलाकात करने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह,नवीन जोशी, अजय सिंह , महेश जोशी शामिल थे।

14 एलीफैंट रिज़र्व खत्म कर जमीन खुर्द बुर्द की फिराक में भाजपा सरकार-गरिमा

दूसरी ओर, गुरुवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्य गरिमा दसौनी ने  राज्य के 14 नोटिफाइड एलिफेंट रिजर्व खत्म करने की कवायद पर सवाल खड़े किए।उन्होंने आरोप लगाया कि त्रिवेंद्र सरकार विकास का हवाला देकर जमीन को खुद-बुर्द करने की फिराक में है। गरिमा ने कहा कि  नारायण दत्त तिवारी सरकार ने 17 फारेस्ट डिवीजनों में 14 एलिफेंट रिज़र्व नोटिफाई किए थे। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता और वनमंत्री की मौजूदगी में 14 रिजर्व को डिनोटिफाइड यानी खत्म करने के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया।

गरिमा दसौनी, कांग्रेस नेत्री

गरिमा ने कहा कि इससे करीब 52 सौ वर्ग किलोमीटर का एरिया एलीफैंट रिजर्व से बाहर हो जाएगा। जिससे उनका प्राकृतिक परिवेश नष्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इको सिस्टम और पर्यावरण संतुलन में जीव जंतुओं की भूमिका है। उनके मुताबिक पूर्वोत्तर के अलावा सिर्फ उत्तराखंड हाथियों के लिए मुफीद जगह है। उन्होंने कहा कि वनमंत्री को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। कांग्रेस नेत्री ने कहा कि जिस तरह फ़ौज में शांति काल में अभ्यास के लिए फायरिंग रेंज की भूमि को सहेज कर रखती है। उसी तरह सरकार को हाथियों के विचरण के लिए शिवालिक रिजर्व की जमीन से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। उन्होंने इस अहम मुद्दे पर पर्यावरणविदों की चुप्पी पर हैरानी जतायी।

दसौनी ने कहा कि इसके अलावा आलवेदर रोड के नाम पर पहाड़ों की अंधाधुंध कटिंग की जा रही है। उसका मलबा सीधे गंगा नदी में गिराया जा रहा है। सरकार ने ना तो इसके बाबत कोई निर्देश दिए और ना ही मलबे की मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। कांग्रेस नेत्री ने कहा कि भाजपा सरकार को विकास की आड़ में वन भूमि को ठिकाने लगाने की करतूतों से बाज आना चाहिए।

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