भाजपा विधायक किशोर की फरार व इनामी बहु नाजिया कोच्चि से अरेस्ट

फ्रॉड केस में जनवरी 2020 से फरार थी विधायक किशोर उपाध्याय के भाई सचिन की पत्नी नाजिया

दून पुलिस नाजिया को लेने कोच्चि रवाना

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। धोखाधड़ी के एक चर्चित मामले में भाजपा विधायक की दो साल से फरार बहु नाजिया युसुफ पुलिस के हत्थे चढ़ गई। दस हजार की इनामी नाजिया को कोच्चि एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था। नाजिया विदेश जाने की कोशिश में थी। जनवरी 2020 से फरार नाजिया की गिरफ्तारी के बाद दून पुलिस कोच्चि रवाना हो गयी। नाजिया युसुफ देहरादून के पाश इलाके राजपुर रोड स्थित वर्ल्ड इंटीग्रेटेड सेंटर (डब्ल्यूआइसी) की निदेशक भी है।

देहरादून एसपी सिटी सरिता डोभाल ने बताया कि कोच्चि एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी एजेंसीज ने लुक आउट सर्कुलर के आधार पर नाजिया को गिरफ्तार कर दून पुलिस को सूचना दी गयी।

नाजिया

राजपुर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में दून पुलिस को लंबे समय से नाजिया की तलाश थी। यह जानकारी मिलते ही राजपुर पुलिस की टीम कोच्चि के लिए रवाना हो गयी।

क्या था मामला


देहरादून की धोरणखास स्थित  ट्रेफलगर सोसाइटी में रहने वाले मुकेश जोशी ने 12 मार्च 2017 में  राजपुर थाना पुलिस ने  सचिन उपाध्याय की पत्नी नाजिया यूसुफ के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया था।

मुकेश ने अपनी शिकायत में राजपुर थाना पुलिस को बताया कि वर्ष 2012 में दिल्ली के एक थाने में सचिन और नाजिया के खिलाफ उन्होंने फर्जी हस्ताक्षर कर उनकी संपत्ति खुर्द-बुर्द करने का मुकदमा भी दर्ज करवाया था। 
शुरुआत में सचिन व उसकी पत्नी नाजिया पुलिस से बचते रहे। लेकिन  बाद में पुलिस ने सचिन उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया था।
साथ ही नाजिया पर एक हजार रुपये का इनाम भी  घोषित किया था। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।

भाजपा विधायक किशोर उपाध्याय

समझौते के तहत मुकेश को सचिन उपाध्याय ने 2.65 करोड़ रुपये देने हैं। जब तक यह रकम अदा नहीं कर दी जाती, तब तक सचिन-नाजिया की राजपुर रोड स्थित एक संपत्ति पीड़‍ित के पास बंधक रहेगी। मुकेश जोशी के अनुसार कई बार संपर्क करने के बावजूद आरोपित ने रुपये नहीं लौटाए। इसी बीच उन्हें पता चला कि सचिन-नाजिया  ने समझौते के तहत  बंधक संपत्ति पर बैंक से लोन ले लिया है। इसको लेकर मुकेश ने सचिन से विरोध जताया तो उसने रकम देने से इंकार कर दिया और धमकियां देने लगा।

एसआइटी की जांच के बाद पुलिस ने जनवरी 2020 में आरोपित सचिन उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया था।  जबकि नाजिया  फरार हो गयी थी। उसके विदेश जाने की भी चर्चाएं होती रही । पुलिस ने नाजिया के आवास पर कोर्ट में पेश होने का नोटिस भी चस्पा किया था, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुई। गुरुवार को कोच्चि एयरपोर्ट पर नाजिया को अरेस्ट किया गया है। देहरादून पुलिस आरोपी नाजिया को देहरादून लेने के लिए रवाना हो रही है।

सचिन के भाई व नाजिया के जेठ किशोर उपाध्याय भाजपा विधायक है। 2022 में कांग्रेस से टूटकर भाजपा में चले गए थे। और टिहरी से चुनाव जीत गए। हालांकि, ऊपरी तौर पर किशोर इस मामले से पल्ला झाड़ते रहे हैं लेकिन सूत्रों का कहना है कि भाई व बहु की करनी से हो रही बदनामी किशोर उपाध्याय के ही खाते में भी आ रही है। खांटी कांग्रेसी रहे किशोर का भाजपा में शामिल होने के पीछे इस केस के ‘प्रभाव’ को भी कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

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