लैंसडौन में आवारा कुत्तों की मौत पर मेनका गांधी की सेना भवन में दस्तक

पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने सेना भवन व कैंट बोर्ड की सीईओ को मामले से अवगत कराया

लैंसडौन में आवारा कुत्तों की मास किलिंग के मुद्दे पर स्कूली बच्चों ने खोला मोर्चा

स्थानीय पुलिस व अन्य एजेंसी जांच में जुटी

अविकल उत्त्तराखण्ड

लैन्सडौन। गढ़वाल राइफल के सेंटर लैंसडौन में लावारिस कुत्तों को मारे जाने के मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने सेना हेड क्वार्टर में आपत्ति जताई है। भाजपा सांसद मेनका गांधी ने इस दर्दनाक घटना के बारे में कैंट बोर्ड की सीईओ शिल्पा को सूचित किया है। इसके अलावा सेना भवन के हेड को भी कार्रवाई।के लिए कहा है। मेनका गांधी के मुताबिक सीईओ ने लावारिस कुत्तों की नृशंस हत्या का संज्ञान लेते हुए ब्रिगेडियर को नोटिस भेजा है।

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद सेना ने भी अपने स्तर से जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर, स्थानीय पुलिस भी लावारिस कुत्तों की दर्दनाक हत्या के कारणों की तलाश में जुट गई है। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत आवारा कुत्तों को मारा जाना अपराध की श्रेणी में शामिल है।

गौतलब है कि इन लावारिस कुत्तों को भोजन दे रहे लैंसडौन के स्कूली बच्चों ने स्थानीय थाने में पूरे मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इन्हीं स्कूली बच्चों ने इनकी मौत पर कैंडल सभा भी की। यही स्कूली बच्चे घर घर से रोटी लाकर इन आवारा कुत्तों को खिलाते थे।

कुछ दिन पूर्व लैन्सडौन में इन कुत्तों के नहीं दिखने पर छोटे छोटे पशु प्रेमी इन बच्चों ने अपने स्तर से ही पता लगाने की कोशिश की। जो सच्चाई सामने आयी वह रोंगटे खड़े कर देनी वाली थी।

लैन्सडौन में धूरा मार्ग स्थित बंशीघाट शमशान घाट के पास लगभग एक दर्जन कुत्तों को मार कर फेंके जाने की खबर मिली।   सब इंस्पेक्टर रियाज अहमद के साथ   यही स्कूली बच्चे जब शमशान घाट पहुंचे तो वहां पांच कुत्तों के शव मिले। यह भी आशंका जताई जा रही है कि कुछ शवों।को जंगली जानवरों ने खा लिया होगा।

इस मामले में पशु प्रेमी बच्चों व जागरूक नागरिकों ने स्थानीय पुलिस- प्रशासन के अलावा सांसद मेनका गांधी,  एनजीओ व उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड को भी मामले से अवगत कराया है।

इस बीच, पूर्व मंत्री मेनका गांधी ने सेना हेड क्वार्टर के अलावा कैंट बोर्ड की सीईओ को मामले की जांच को कहा है। सेना व पुलिस की जांच शुरू हो गयी है। कुछ बच्चों के परिजनों पर भी दबाव पड़ने की खबरें भी माहौल में बेचैनी घोल रही है।

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