उत्तराखंड में ज्ञान की गंगा बहाने वाले ज्ञान सिंह नहीं रहे

ऋषिकेश में मंगलवार की सुबह हुआ निधन

उत्त्तराखण्ड में सरस्वती शिशु मन्दिर की स्थापना में विशेष योगदान

त्रिवेंद्र सरकार में NRHM के उपाध्यक्ष थे

अविकल उत्त्तराखण्ड

देहरादून।
राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के समर्पित सिपाही व त्रिवेंद्र सरकार में दायित्वधारी ज्ञान सिंह नेगी का मंगलवार की सुबह ऋषिकेश में निधन हो गया। सत्तर वर्षीय ज्ञान सिंह नेगी का पिछले साल हार्ट का आपरेशन हुआ था। लेकिन धीरे धीरे स्वस्थ होने पर उन्होंने सरकारी कामकाज संभाल भी लिया था। लेकिन इस बीच तबियत बिगड़ने पर उनकी मृत्यु हो गयी। मौजूदा समय में वे NRHM के उपाध्यक्ष पद पर थे। पूर्व में ज्ञान सिंह नेगी भाजपा के प्रदेश महामंत्री भी रहे।

स्वर्गीय ज्ञान सिंह नेगी-शत-शत नमन

मृदुभाषी व सरल स्वभाव के ज्ञान सिंह नेगी ने संघ की नीतियों पर चलते हुए शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिये बहुत कार्य किया। उत्त्तराखण्ड में शिशु मंदिर की स्थापना में ज्ञान सिंह नेगी ने भगीरथ प्रयत्न किए। उत्त्तराखण्ड के दुर्गम व सुदूरवर्ती इलाकों में हज़ारों शिशु मंदिर की स्थापना कर वे ज्ञान की गंगा बहाते रहे।

जिस समय आसानी से सरकारी नौकरी मिल सकती थी उस समय ज्ञान सिंह नेगी ने राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की राह पकड़ी। और जीवन पर्यंत संघ के कार्यक्रमों की लौ जलाते रहे। हालांकि, राजनीतिक जीवन में उन्हें वह नहीं मिला जिसके वो वास्तविक हकदार थे।

उनके आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, कांग्रेसी नेता किशोर उपाध्याय समेत विभिन्न दलों व संगठनों से जुड़े लोगों ने दुख व्यक्त किया ।

Uttarakhandnews

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