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सचिवालय में फरियादियों व मीडिया पर प्रतिबंध लगा बंदरबांट को छुपा रही सरकार- कांग्रेस

बीते तीन महीने से राज्य सचिवालय में आम जन व मीडिया के प्रवेश पर लगा है प्रतिबंध। शासन का तर्क है कि बढ़ते कोरोना मामलों के कारण ऐसा किया गया।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सदस्य गरिमा दसौनी ने कहा अनलॉक के माहौल में सचिवालय में  नहीं जा पा रहे पत्रकार व आम फरियादी। भाजपा से जुड़े लोग सचिवालय में खुलेआम घूम रहे।

तीन महीने से सचिवालय में प्रवेश पर प्रतिबंध को कांग्रेस ने बनाया मुद्दा। कहा, यह सरकार की घोर तानाशाही

अविकल उत्त्तराखण्ड


                                     
देहरादून।
                     
राज्य सचिवालय में तीन महीने से आम फरियादी व मीडिया के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को कांग्रेस ने मुद्दा बना सरकार पर तीखा हमला किया।

कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद शासन ने सचिवालय में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी। इधर, बुधवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्या गरिमा महरा दसौनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आज तीन महीने से भी अधिक समय से सचिवालय में आम जनता, विपक्ष एवं मीडिया कर्मियों का आवागमन प्रतिबंधित कर रखा है।

दसौनी ने सत्ता के केन्द्र का इस तरह प्रदेश सरकार द्वारा इतने अधिक समय के लिए बन्द किया जाना घोर तानाशाही करार दिया। आरोप लगाते हुए दसौनी ने कहा कि आकण्ठ भ्रष्टाचार में डूबी त्रिवेन्द्र सरकार दरअसल विभागों में चल रही बन्दरबाॅट को छुपाना चाहती है।

दसौनी ने कहा कि कोरोना संकट की आड़ लेकर या कोरोना संक्रमण का हवाला देकर सरकार आंखिर सत्ता के केन्द्र सचिवालय में क्या “छुपाना” चाहती है। आज जब सभी प्रतिष्ठान, शिक्षण संस्थान, बाजार, शहर सब अनलाॅक किये जा रहे हैं ऐसे में  अकेले सचिवालय को बन्द रखना कहाॅ तक न्यायोचित है।

गरिमा दसौनी,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सदस्य

दसौनी ने कहा कि दरसल सरकार की मंशा पहले से ही शक के घेरे में है। कोरोना संकट से पहले भी सरकार ने सचिवालय को पर्दे के पीछे रखने के लिए एक शासनादेश जारी किया था जिसमें मीडिया .कर्मियों को विभागों में जाने की मनाही कर दी गई थी।

दसौनी ने कहा कि एक ओर जहां सचिवालय परिसर में प्रवेश के लिए विपक्ष एवं मीडिया प्रतिबंधित है वहीं दूसरी ओर वहां भारी संख्या में भाजपा के एवं भाजपा से संबंधित अन्य संगठनों के लोग देखे जा सकते हैं। दसौनी ने कहा कि दलालों का आवागमन भी सचिवालय में खुलेआम हो रहा है।

उन्होंने त्रिवेन्द्र सरकार से पूछा कि आखिर सचिवालय में चल क्या रहा है जिसे छुपाने के लिए इतनी कवायद करनी पड़ रही है। उन्हांने त्रिवेन्द्र सरकार से पूछा कि दूरस्थ ग्रामीण इलाकों से आये आम फरियादी को यदि कोई परेशानी हो या वह अपने क्षेत्र के विकास का जायजा लेना चाहें तो कहाॅं जाय।

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