धमाकों का बुधवार….कोरोना और मंत्री कौशिक के सामने हुए धमाके दर धमाके

कोरोना धमाका, एक दिन में 451 मरीज, 

बहुमत की भाजपा सरकार के लाचार मंत्री-विधायक

बैठक से अधिकारी गायब,मंत्री भड़के

भाजपा विधायक राजेश शुक्ला डीएम के खिलाफ लाएंगे विशेषाधिकार हनन का मामला

अविकल थपलियाल

 

देहरादून. बोल चैतू

बुधवार को उत्तराखंड में धमाके ही धमाके होते रहे।  दोपहर को पहला धमाका सचिवालय देहरादून में कुम्भ को लेकर हुआ। यहां आहूत बैठक में शक्तिशाली भाजपा सरकार के पावरफुल मंत्री कैबिनेट मंत्री मैदान कौशिक को अधिकारियों ने ठेंगा दिखा दिया। कुम्भ को लेकर  बुलाई गई बैठक में कई सचिव पहुंचे ही नही। मंत्री जी भड़भड़ाते रह गए। रिजल्ट यह कि बैठक निरस्त।


देहरादून में बुधवार को नगर विकास मंत्री मदन कौशिक की बैठक का वीडियो। शासन के अधिकारी नही आये तो मंत्री ने कैसे दिखाया गुस्सा। और कर दी मीटिंग निरस्त।

कोरोना धमाके ने लूटा दिन का चैन, रात के नींद

दूसरा धमाका ठीक रात 8 बजे हुआ। इसकी गूँज उत्तराखण्ड के अलावा देश-दुनिया में सुनायी दी। उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रतिदिन 8 बजे  (कभी-कभी 9 से ज्यादा भी बज जाते हैं)जारी होने वाले कोरोना बुलेटिन ने दहशत बढ़ा दी। अभी तक प्रतिदिन 200 के आसपास बढ़ने वाले कोरोना मरीजों की संख्या बुधवार को 451 का आंकड़ा छू गयी। ये तस्वीर एक डर का माहौल बना रही है। इस अपडेट के मिलते ही सोशल मीडिया में आम जनता की प्रतिक्रिया बेहद प्रश्नवाचक व भयभीत कर देने वाली लगी।

उत्तराखंड में अब जो कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं, उससे साफ पता लग रहा है कि अधिकतर मरीजों की कोई travel history /ट्रैवल हिस्ट्री नही है। फिर तो यह कोरोना संक्रमण सामुदायिक प्रसार की ओर इशारा कर रहा है।

अब बेशक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री लाख दावे करें बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के। लेकिन यह सच है कि राज्य के अधिकारी कितने कमिटमेंट हैं। कोरोना काल में ही स्वास्थ्य सचिव को बदल दिया जाता है। बड़े अधिकारी मार्च से जुलाई तक कब-कब फील्ड में गए, ये सब किसी से छुपा नही है ।

बहुमत सरकार के लाचार मंत्री-विधायक

उत्तराखंड में अधिकारियों की मनमानी का इतिहास राज्य गठन के साथ ही शुरू हो गया था। लेकिन भारी बहुमत की त्रिवेंद्र सरकार के मंत्री व विधायक भी मनमानी का शिकार होंगे। यह कल्पना से परे तब। लेकिन ऐसा हुआ। खुल कर हुआ। कई लोगों ने अधिकारियों की मनमानी व बेअंदाजी भी देखी।

कैबिनेट मंत्री व शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक। हरिद्वार से भाजपा विधायक। 2002 से लगातार जीत रहे हैं। लेकिन बुधवार को सचिव स्तर के अधिकारियों ने मंत्री जी की बैठक को तवज्जो नही दी। बैठक में नही आये अधिकारी। तो हत्थे से उखड़ गए वजनदार मंत्री जी।

अब मंत्री व विधायक सिर्फ चिल्ला कर अपना गुस्सा निकाल रहे है। बुधवार को सचिवालय में कैबिनेट मंत्री की बैठक से सचिव स्तर के कई अधिकारी कन्नी काट गए। आश्चर्य इस बात का है कि मुख्यमन्त्री त्रिवेंद्र के एक-दो शक्तिशाली मंत्रियों में कौशिक भी शुमार हैं। प्रदेश की पूरी नौकरशाही में यह संदेश भी है। बावजूद इसके आला अधिकारी मंत्री जी की बैठक को हवा में उड़ा गए। अब भड़के मंत्री कौशिक का वीडियो हर जगह वायरल हो गया। कैबिनेट मंत्री कौशिक शासकीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।

शुक्ला जी ने हरीश रावत को हराया लेकिन डीएम से हारे

यही नहीं, किच्छा में हरीश रावत को हराने वाले भाजपा विधायक राजेश शुक्ला को एक डीएम खुले आम यह कह देता है कि आपकी याददाश्त कमजोर हो गयी है। यह धमाका भी तीन दिन पहले हुआ।


डीएम नीरज खैरवाल।के खिलाफ विशेषाधिकार मामले  का नोटिस । स्पीकर को भेजा भाजपा विधायक शुक्ला ने। बहुमत की सरकार में भी विधायक हो रहे अपमानित।

अब विधायक जी ने भी विशेषाधिकार हनन का मामला उठाने की ठान ली है। इस बाबत विधानसभाध्यक्ष प्रेमचन्द्र अग्रवाल को लिखी चिठ्ठी भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लेकिन मुख्यमन्त्री जी की ओर से डीएम को कोई सार्वजनिक हिदायत नही दी गयी।

..तो रहें धमाकों के लिए तैयार

बहरहाल, बुधवार को धमाकों के वार से उत्तराखंड में डर, बैचेनी, आक्रोश व तनाव के बादल छा गए हैं। आने वाले कल में होने वाले और भी बड़े धमाके के लिए तैयार रह बे चैतू…..??

Uttarakhandnews

2 thoughts on “धमाकों का बुधवार….कोरोना और मंत्री कौशिक के सामने हुए धमाके दर धमाके

  1. एक गाना सुना था कभी , ” ये बम्बई शहर हादसों का शहर है,
    यहाँ ज़िन्दगी हादसों का सफ़र है”

    लगता है उत्तराखंड सरकारी / राजनीतिक धमाकों का प्रदेश बन गया है । Beaurocrates के आगे क्यों लाचार और बेबस लग रहे हैं मंत्री और विधायक ?
    जहां तक कोरोना के मामलों का प्रश्न है तो कल तो पूरे देश में ही नया कीर्तिमान बन गया है । कुल नये मामलों की संख्या 45000 को छूती हुई और कल हुई मौतों की संख्या 1100 के पार । इस रफ्तार के चलते अभी कोरोना से किसी राहत की उम्मीद तो नहीं दिखाई देती ।
    कोरोना की वैक्सीन के 15 अगस्त को launch के दावे कितने सही हैं और कितनी कारगर साबित होगी, समय ही बतायेगा ।

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