सेक्स स्कैंडल-मुझ पर झूठा मुकदमा..एमएलए महेश नेगी, पत्नी व पुत्र से कभी नही मिला- दीपक-पूर्व पति, देखें पत्र

पीड़िता के पूर्व पति का डीजीपी को लिखा पत्र वायरल

पीड़िता का पूर्व पति 29 अगस्त 20 को डीजीपी अनिल रतूड़ी को भेज चुका है लिखित बयान

कहा, तीन दिसंबर 2018 के बाद कभी नही आया देहरादू

दून पुलिस पीड़िता के पति को बयान के लिए भेज रही नोटिस

बलात्कार 376 व 502 के आरोपी भाजपा एमएलए महेश नेगी पर कार्रवाई के अब तक कोई संकेत नहीं

अविकल उत्त्तराखण्ड

देहरादून। पीड़िता के पूर्व पति ने उत्त्तराखण्ड के डीजीपी को लिखित बयान भेजा है। जबकि
बलात्कार का मुकदमा दर्ज होने के बाद भाजपा विधायक महेश नेगी की गिरफ्तारी व डीएनए जांच से ज्यादा पीड़िता व उसके पति पर लगे रंगदारी-उगाही के मुकदमे पर सक्रिय देहरादून पुलिस की जांच कुछ अलग ही दिशा में लेकिन तेजी से  चल रही है। पीड़िता लिखित में और रूबरू भी बयान दर्ज करवा चुकी है।

पीड़िता अब 164 का बयान दर्ज करवा सीबीआई जांच की मांग करेगी। यह भी चर्चा जोरों पर है।

अब यह खबर सामने आई है कि देहरादून पुलिस पीड़िता के पति से ब्लैकमेलिंग व रंगदारी के मामले में पूछताछ करना चाहती है। और बीएसएफ में तैनात पति की यूनिट के पते पर देहरादून पुलिस नोटिस भेज चुकी है।

इस बीच, मामले की जांच कर रही देहरादून पुलिस ने पीड़िता के पति (अब सम्बद्ध विच्छेद) की यूनिट में पत्र भी भेजा है और सम्भवतः यूनिट कमांडर से देहरादून पुलिस की फोन पर बात भी हुई है।

पीड़िता के पूर्व पति दीपक कुमार का पत्र।

एक अन्य जानकारी के मुताबिक पीड़िता के पति दीपक कुमार ने 29 अगस्त को डीजीपी उत्त्तराखण्ड अनिल रतूड़ी को लिखित बयान भेजा है।

बयान में साफ लिखा है कि उसका पीड़िता से कोई संबंध नहीं है। और न ही वह विधायक महेश नेगी, उनकी पत्नी और उनके पुत्र से ही कभी मिला हूँ। यह भी लिखा है कि 3 दिसंबर 2018 शादी के दिन से वह कभी देहरादून भी नही आया।

सेक्स स्कैंडल के एक महीने से भी कम समय में तीन जांच अधिकारी बदल दिए गए। कोर्ट के आदेश पर पुलिस को 20 दिन बाद पीड़िता की रिपोर्ट लिखनी पड़ी। चर्चा यह आम है कि पुलिस सत्ता के भारी दबाव में है।

लिखे पत्र में अपने ऊपर दर्ज मुकदमे पर आश्चर्य जताते हुए कहा है कि 4 अगस्त 2020 को उसका पारिवारिक सदस्यों की मौजूदगी में आपसी समझौते से तलाक हो चुका है और मेरा नाम मुकदमे में झूठा लिखा गया है उस मुकदमे में जो विधायक महेश नेगी की पत्नी ने दर्ज कराया।

पीड़िता के पति ने पत्र में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि 3 दिसंबर 2018 को उसका विवाह हुआ था । 4 अगस्त 2020 को सदस्यों की सहमति से तलाक भी हुआ 7 अगस्त को अलग अलग रहने के जो समझौता हुआ उसके प्रति शामली कोर्ट में भी जमा करा दी गई है। उसके बाद पीड़िता सकुशल देहरादून पहुंच गई थी।

पत्र में पूर्व पति ने यह भी बताया कि लड़की के पैदा होने पर जब डीएनए का मिलान किया गया तो उसके डीएनए के साथ नही  मिला। यह डीएनए रिपोर्ट शामली कोर्ट में भी जमा की गई है।

सिपाही हरिओम के ऑडियो ने भाजपा विधायक महेश नेगी को नयी मुसीबत में डाल दिया है। हरिओम का कहना है कि विधायक निवास के फ्लैट 62/63 में उसके साथ मारपीट कर पीड़िता के खिलाफ बयान दिलवाए गए

पीड़िता के पति ने यह भी लिखा है कि देहरादून आने के बाद पीड़िता किससे मिली, कहां मिली, इस बारे में मुझे कुछ नहीं पता। और पीड़िता के खिलाफ जो मुकदमा लिखा गया है उस पर मेरा नाम झूठा लिखवाया गया है ।

पीड़िता के पति ने लिखा कि शामली कोर्ट में जो तलाक के कागज जमा किए थे वह इस पत्र के साथ  भेज रहा हूं । पीड़िता के पति ने डीजीपी पुलिस उत्तराखंड को भेजे पत्र की प्रति डीआईजी व सीओ अनुज कुमार को भी भेजी है।

(पत्र की सत्यता का दावा नहीं करता अविकल उत्त्तराखण्ड न्यूज़ पोर्टल)

फ्लैशबैक-सेक्स स्कैंडल-उत्त्तराखण्ड-भाजपा संकट में

गौरतलब है कि अगस्त महीने में द्वाराहाट से भाजपा विधायक महेश नेगी की पत्नी रीता नेगी ने पीड़िता, उसके पूर्व पति व अन्य पारिवारिक सदस्यों पर उगाही व ब्लैकमेल का  मुकदमा दर्ज कराया। नतीजतन पुलिस ने बेहद फुर्ती दिखाते हुए अपने भाई के घर रह रही पीड़िता को कोविड जांच के बहाने घर से बुलाकर घण्टों थाने में बैठाए रखा। सेक्स स्कैंडल से जुड़ी इस हाईप्रोफाइल मामले में अब तक एक महिला दारोगा समेत तीन जांच अधिकारी बदले जा चुके हैं।

उत्त्तराखण्ड भाजपा संगठन का कहना है कि जांच के जो भी परिणाम आएंगे उसी के हिसाब से विधायक महेश नेगी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस मुकदमे के बाद हाईकोर्ट नैनीताल ने पीड़िता की गिरफ्तारी पर रोक लगा और फिर देहरादून की अदालत ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश देकर पुलिस व विधायक महेश नेगी को झटका दे चुकी है। इस मामले में देहरादून पुलिस की जांच टीम पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने से साफ बचती रही। लेकिन अदालती आदेश के बाद पुलिस को 5 सितम्बर को रातों रात मुकदमा दर्ज करने पर बाध्य होना पड़ा।

इस बीच, नौ सितम्बर को पीड़िता के पारिवारिक परिचित सिपाही हरिओम ने भी विधायक महेश नेगी पर जोर जबरदस्ती कर वीडियो बयान दर्ज करवाने का आरोप लगाकर सनसनी मचा दी थी। वायरल ऑडियो में सिपाही हरिओम ने साफ कहा कि उसको हथियार का भय दिख कर मारा पीटा गया। इस मामले से भी भाजपा विधायक का कोई बयान अभी तक नही आया है।

मुख्यमन्त्री त्रिवेंद्र पूर्व में ही कह चुके हैं कि भाजपा विधायक डीएनए जांच को तैयार हैं

बलात्कार का मुकदमा दर्ज होने के बाद भाजपा विधायक महेश नेगी पर पुलिस कार्रवाई व डीएनए जांच की मांग पर अड़ी पीड़िता के वकील एस पी सिंह मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।कुछ दिन के अंदर पीड़िता के 164 के बयान के बाद विधायक महेश नेगी की मुश्किलें और बढ़ेंगी।

दरअसल, सेक्स स्कैंडल के इस हाईप्रोफाइल मामले में जब तक डीएनए जांच नहीं हो जाती तब तक भाजपा सरकार को भी यह मुद्दा सताता रहेगा।हालांकि, मुख्यमन्त्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कह चुके है कि विधायक महेश नेगी DNA जांच के लिए तैयार हैं।

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