दही..दूध और रायते की त्रिवेणी के भंवर में फंसी सियासत
नारसन बार्डर से शहीद स्थल तक झलका जोश
हरदा ने संन्यास की खबरों पर ली चुटकी
अविकल थपलियाल
देहरादून। रविवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ धाम के लिए उड़ान भरी। और उधर पूर्व सीएम हरीश रावत ने दिल्ली में पत्नी रेणुका रावत के हाथ से दही खाकर दून की राह पकड़ी।
युवा जोश के रंग से लबरेज टी शर्ट पहनकर उत्तराखण्ड की ओर कूच कर हरदा ने यह भी इशारे कर दिए कि अभी तो वो जवां है।
बीते तीन महीने से स्वास्थ्य सम्बन्धी कारणों से राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहे हरदा की दिल्ली से दून तक की यात्रा कई संकेत भी दे गई।

2027 के विधानसभा चुनाव की अहम जिम्मेदारी से ‘मुक्त’ रखे गए हरीश रावत ने रामपुर तिराहे ,रुड़की, हरिद्वार और फिर देहरादून में भाजपा, ईडी व सीबीआई पर प्रहार करने के अलावा कांग्रेस नेतृत्व को अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने में पूरी ताकत झोंक दी।
कई घण्टे के सफर में बुजुर्ग हरीश रावत ने स्वंय के फिर से जवां होने का भी अहसास कराया। साथ ही कांग्रेस के नेताओं को भी यह अहसास कराने में सफल रहे कि अभी वो चुके नहीं है।
दरअसल, अपने राजनीतिक जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हरीश रावत ने जबरदस्ती संन्यास दिलवाने वाले पार्टी नेताओं को भी निशाने पर लिया।
पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कुछ लोगों ने तो दो-तीन साल पहले ही उन्हें भाजपा में धकेल दिया था।
हरदा ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत के बाद ही वे संन्यास लेंगे। इसकी भी उन्होंने रूपरेखा बना दी है। अभी तो जनता उनके लिए गाजे बाजे लेकर आ रही है।
दिल्ली से दून तक की राजनीतिक यात्रा में हरीश रावत ने उनके ओएसडी के यहां ईडी के हालिया छापे पर भी कटाक्ष किया।

भाजपा को यह महसूस कराया कि इन छापों से वो डरने वाले नहीं है।
हालांकि, हरदा के दून आगमन यात्रा में गोदियाल,हरक,करण व यशपाल आर्य कहीं नजर नहीं आये। जबकि प्रीतम सिंह ने रामपुर तिराहे में हरदा को माला पहनाई। फिर भी हरदा ने अपने चिर परिचित पुराने सधे हुए अंदाज में भाजपा ही नहीं कांग्रेस के अपने नेताओं को भी कड़ा संदेश दे दिया।
घर से दही खाकर निकले हरदा ने गंगा जी में दूध अर्पित किया। और दून पहुंचते पहुंचते बहुत कुछ रायता बिखेरा भी और समेटा भी…पिक्चर अभी बाकी है….
कार्यकर्ताओं से बोले- एकजुट होकर आगे बढ़ना है
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हरीश रावत ने कहा कि कार्यकर्ताओं का प्यार उनकी ताकत और विश्वास उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। पिछले 60 वर्षों में उन्होंने यही प्यार कमाया है। उन्होंने कहा कि राजनीति एक नदी है और हम सभी उसके कण हैं। कोई छोटा है तो कोई बड़ा, लेकिन सभी उसी का हिस्सा हैं। इसलिए सभी को एकजुट होकर आगे बढ़ना है। न कोई मतभेद है और न मनभेद होना चाहिए।
रावत ने कहा कि स्वास्थ्य कारणों से वह पिछले कुछ समय से राजनीतिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए थे। अब वह फिर राजनीतिक रूप से सक्रिय हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके प्रयासों से कांग्रेस सत्ता में वापस आती है तो यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि उस हर कांग्रेस कार्यकर्ता की जीत होगी, जो लंबे समय से कांग्रेस की वापसी का सपना देख रहा है।
भाजपा पर साधा निशाना, ईडी-सीबीआई को लेकर भी बोले
भाजपा पर निशाना साधते हुए रावत ने कहा कि चुनाव नजदीक हैं और भाजपा फिर सत्ता में आने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने राहुल गांधी के देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए भाजपा पर निशाना साधा।
मीडिया से बातचीत में रावत से उनकी ओएसडी से जुड़े ईडी के छापे को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल शुरू कर देती है, ताकि सामने वाला उसकी चाल में फंस जाए।

नारसन से दून तक जगह-जगह हुआ स्वागत, बोले- आपका प्यार ही मेरी ताकत
करीब तीन माह के अंतराल के बाद राजनीतिक रूप से सक्रिय हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के उत्तराखंड लौटने पर रविवार को नारसन बॉर्डर से देहरादून तक कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जोरदार स्वागत किया। पुष्पगुच्छ और मालाओं के साथ ढोल-नगाड़ों व आतिशबाजी से हुए स्वागत में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बना। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी ‘हरदा इज बैक’ ट्रेंड करता रहा।
देखें, दून में स्वागत
https://www.facebook.com/share/v/1D7PKPqV7A/
दिल्ली से देहरादून लौटते समय हरीश रावत ने सबसे पहले मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा स्थित उत्तराखंडी शहीद स्मारक पर पहुंचकर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की।
इसके बाद उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करते ही नारसन बॉर्डर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने हरीश रावत जिंदाबाद के नारे लगाए।

नारसन के बाद मंगलौर और रुड़की में भी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद रावत हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना की और गंगा को दूध अर्पित किया। और कहा कि माँ गंगा के स्वामी विवेकानंद जी पार्क के घाट में दुग्ध अर्पित कर माँ गंगा का आशीर्वाद लिया। हरिद्वार पहुँचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और साथियों द्वारा जो आत्मीय स्वागत मिला, उसके लिए आप सबका हृदय से धन्यवाद।

आगे बढ़ने पर मणिमाई मंदिर और होटल हिम पैलेस सहित विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। डोईवाला से देहरादून तक भी कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।
देहरादून पहुंचने पर रावत का काफिला कचहरी स्थित शहीद स्मारक पहुंचा। यहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया।

इस दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक हरीश धामी, सुरेंद्र कुमार, पूर्व विधायक मंत्री प्रसाद नैथानी,
हेमेश खर्कवाल,जसवीर राणा, धीरेंद्र प्रताप, बब्बन सती,आशा मनोरमा शर्मा, गरिमा दसोनी,साधना तिवारी, वीरेंद्र पोखरियल,सुशील राठी, लाल चंद शर्मा, संजय किशोर, संजय पालीवाल, अवधेश पंत, राजेंद्र शाह, सुरेंद्र रांघर, मनमोहन शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता काफिले में मौजूद रहे।




